कोरोना के बाद भारत में फैला खतरनाक संक्रमण, 100 लोगों को क्वारंटाइन किया गया, कई राज्य प्रभावित
punjabkesari.in Saturday, Jan 24, 2026 - 11:27 AM (IST)
नेशनल डेस्क: कोरोना की छाया अभी पूरी तरह मिटी भी नहीं थी कि भारत में एक और खतरनाक संक्रमण ने दस्तक दे दी। पश्चिम बंगाल, झारखंड, तमिलनाडु समेत कई राज्यों में फैल रहा निपाह वायरस लोगों में डर और सतर्कता पैदा कर रहा है। पश्चिम बंगाल में 5 सक्रिय मामलों के बाद 100 लोगों को क्वारंटाइन किया गया है, जबकि स्वास्थ्य अधिकारियों ने फैंस और आम जनता को सतर्क रहने की हिदायत दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह वायरस कोरोना की तरह सीधे संपर्क में रहने वाले लोगों को अधिक प्रभावित करता है, जिससे डॉक्टर और नर्स जैसी स्वास्थ्यकर्मी सबसे अधिक जोखिम में हैं।
अस्पताल भी बने हॉटस्पॉट
पश्चिम बंगाल में हालिया निपाह प्रकोप ने अस्पतालों को भी प्रभावित किया है। कोलकाता के अस्पतालों में भर्ती मरीज और वहां कार्यरत मेडिकल स्टाफ दोनों ही संक्रमण की चपेट में आने की संभावना में हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, निपाह वायरस ऐसी बीमारियों की श्रेणी में आता है जो भविष्य में महामारी का रूप ले सकती हैं।
साइलेंट किलर: लक्षण दिखने से पहले फैलता है संक्रमण
निपाह वायरस की सबसे खतरनाक विशेषता इसका ‘इन्क्यूबेशन पीरियड’ है। यह वायरस शरीर में प्रवेश करने के बाद 14 से 21 दिनों तक बिना लक्षण दिखाए रह सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस दौरान संक्रमित व्यक्ति कई अन्य लोगों को आसानी से संक्रमित कर सकता है।
WHO का अलर्ट: उच्च मृत्यु दर और कोई वैक्सीन नहीं
WHO ने निपाह वायरस को ‘प्रायोरिटी डिजीज’ की सूची में शामिल किया है। शुरुआती कोरोना की तरह अभी इसका कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, निपाह वायरस की मृत्यु दर 45 से 75 प्रतिशत तक हो सकती है, जिससे यह कोरोना वायरस से भी अधिक जानलेवा साबित होता है।
शुरुआती पहचान मुश्किल, निगरानी ज़रूरी
WHO के अनुसार निपाह के लक्षण अक्सर सामान्य फ्लू या दिमागी बुखार जैसे लगते हैं, इसलिए इसे पहचानना शुरुआती चरण में मुश्किल होता है। प्रभावित क्षेत्रों में मजबूत निगरानी प्रणाली और लैब टेस्टिंग क्षमताओं को बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
