Birth Certificate Rule Change: दिल्ली में पुराने बर्थ सर्टिफिकेट अब बेकार, जानें घर बैठे नया कैसे डाउनलोड करें
punjabkesari.in Tuesday, Mar 03, 2026 - 03:32 PM (IST)
नई दिल्ली: अगर आपके घर में साल 2012 से 2022 के बीच किसी बच्चे का जन्म हुआ है और आपने उसका जन्म प्रमाणपत्र संभालकर रखा है, तो उसे तुरंत बाहर निकालने का समय आ गया है। दिल्ली नगर निगम (MCD) ने एक ऐसा बड़ा तकनीकी बदलाव किया है, जिससे पिछले एक दशक के दौरान जारी हुए लाखों सर्टिफिकेट रातों-रात अमान्य हो गए हैं। दरअसल, निगम ने अपने पुराने डेटाबेस को नए सिस्टम के साथ जोड़ने की प्रक्रिया पूरी कर ली है, जिसके कारण इन 10 सालों में जारी हुए सभी प्रमाण पत्रों के रजिस्ट्रेशन नंबर पूरी तरह बदल गए हैं।
क्यों बेकार हो गया आपका पुराना कागज?
दिल्ली नगर निगम ने अपनी डिजिटल प्रणाली को पूरी तरह अपडेट कर दिया है। इस बदलाव का सीधा असर उन लोगों पर पड़ा है जिनके पास 2012 से 2022 के बीच के पुराने नंबर वाले दस्तावेज हैं। अब अगर आप स्कूल में Admission, Passport बनवाने या किसी भी Government Verification के लिए पुराना सर्टिफिकेट पेश करेंगे, तो वह पोर्टल पर 'not found' यानी रिकॉर्ड में मौजूद नहीं दिखाएगा। ऐसे में ऐन वक्त पर आपका काम अटक सकता है। कानूनी और सरकारी दस्तावेजों की दौड़ में अब सिर्फ QR Code वाला नया Digital Certificate ही मान्य होगा।
घर बैठे मिनटों में पाएं New Certificate
राहत की बात यह है कि इस बदलाव के लिए आपको MCD के दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। निगम ने इसे डाउनलोड करने की सुविधा पूरी तरह Online और मुफ्त रखी है। आपको बस MCD की आधिकारिक वेबसाइट (mcdonline.nic.in) पर जाना होगा। वहां अपने संबंधित निगम (उत्तर, दक्षिण या पूर्व) को चुनकर 'Birth and Death Registration' वाले Section में अपनी पुरानी जानकारी जैसे जन्म तिथि और माता-पिता का नाम भरकर सर्च करना होगा। जैसे ही आपका रिकॉर्ड स्क्रीन पर दिखेगा, आप उसे नए Registration Number और डिजिटल सिग्नेचर के साथ डाउनलोड कर सकेंगे।
इस नए वर्जन की क्या है खासियत?
इस नए Digital Birth Certificate की सबसे बड़ी पहचान इस पर लगा 'QR code' है। इसे कहीं भी स्कैन करके तुरंत वेरिफाई किया जा सकता है कि यह असली है या नहीं। चूंकि यह बदलाव खास तौर पर 2012 से 2022 के बीच के रिकॉर्ड्स के लिए किया गया है, इसलिए दिल्ली के निवासियों को सलाह दी गई है कि वे पुराने कागजों के भरोसे न रहें। समय रहते नया वर्जन अपने पास सुरक्षित कर लें, ताकि भविष्य में आधार कार्ड अपडेट कराने या किसी भी कानूनी काम में आपको परेशानी का सामना न करना पड़े।
