कौन है एकनाथ शिंदे जिन्होंने शिवसेना को 42 साल दिए और एक क्षण में सब कुछ छीन लिया, बन गए महाराष्ट्र के नए CM

punjabkesari.in Thursday, Jun 30, 2022 - 05:01 PM (IST)

नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र का सियासी गेम उस समय पूरी तरह पलट गया जब देवेंद्र फडणवीस ने आज चौंकाने वाला ऐलान करते हुए कहा है कि एकनाथ शिंदे प्रदेश के नए सीएम होंगे। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे के पास शिवसेना के ज्यादातर विधायकों का समर्थन है और भाजपा एवं 16 अन्य निर्दलीय विधायकों ने उन्हें समर्थन का फैसला लिया है। वह आज शाम को 7:30 बजे ही सीएम पद की शपथ लेंगे। आईए जानते हैं कौन हैं एकनाथ शिंदे जो देवेंद्र फडणवीस की जगह अब महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। कभी शिवसेना के लिए जान न्योछावर कर देने के लिए तैयार रहने वाले एकनाथ शिंदे ने महाविकास अघाड़ी सरकार का वक़्त बदल दिया है. शिवसेना को 42 साल देने के बाद शिंदे ने एक क्षण में सब कुछ छीन लिया है।

कौन हैं एकनाथ शिंदे
एकनाथ शिंदे उद्धव ठाकरे सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं, उनके पास शहरी विकास मंत्रालय है। वह कोपरी-पकपखड़ी विधानसभा सीट से पार्टी के विधायक भी हैं जोकि थाणे जिले के अंतर्गत आती है। महाराष्ट्र विधानसभा में चार बार चुनाव जीतकर एकनाथ शिंदे पहुंचे। वर्ष 2004, 2009, 2014 और 2019 में उन्होंने विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की है। एकनाथ शिंदे शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे से काफी प्रभावित थे। 2014 के विधानसभा चुनाव के बाद जब शिवसेना ने विपक्ष में बैठने का फैसला लिया था तो एकनाथ खड़से को विपक्ष का नेता बनाया गया था। इक महीने के बाद शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाने का फैसला लिया।

महाराष्ट्र में उपजे राजनीतिक संकट के केंद्र में रहने वाले शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने कभी पार्टी कार्यकर्ता के रूप में राजनीतिक पारी की शुरुआत की थी और वह अपने संगठनात्मक कौशल तथा जनसमर्थन के बल पर शिवसेना के शीर्ष नेताओं में शुमार हो गए। कभी मुंबई से सटे ठाणे शहर में ऑटो चालक के रूप में काम करने वाले 58 वर्षीय शिंदे ने राजनीति में कदम रखने के बाद बेहद कम समय में ठाणे-पालघर क्षेत्र में शिवसेना के प्रमुख नेता के तौर पर अपनी पहचान बनायी। उन्हें जनता से जुड़े मुद्दों को आक्रामक तरीके से उठाने के लिए पहचाना जाता है। चार बार के विधायक रहे शिवसेना नेता शिंदे वर्तमान में महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार में शहरी विकास और पीडब्ल्यूडी विभाग के मंत्री का प्रभार संभाल रहे हैं। वह राज्य की राजनीति में अपनी सफलता के पीछे पार्टी संस्थापक बाला साहेब ठाकरे का आभार कई बार जताते रहे हैं। 

नौ फरवरी 1964 को जन्मे शिंदे ने स्नातक की शिक्षा पूरी होने से पहले ही पढ़ाई छोड़ दी और राज्य में उभर रही शिवसेना में शामिल हो गए। मूलरूप से पश्चिमी महाराष्ट्र के सतारा जिले से ताल्लुक रखने वाले शिंदे ने ठाणे जिले को अपना कार्यक्षेत्र बनाया। पार्टी की हिंदुत्ववादी विचारधारा और बाल ठाकरे के व्यक्तित्व से प्रभावित होकर शिंदे ने शिवसेना का दामन थाम लिया। ठाणे शहर की कोपरी-पचपखाड़ी सीट से विधायक शिंदे सड़कों पर उतरकर राजनीति करने के लिए पहचाने जाते हैं और उन पर हथियारों के साथ जानबूझकर चोट पहुंचाने और दंगा करने समेत विभिन्न आरोपों में दर्जनों मामले दर्ज हैं। 

शिंदे 1997 में ठाणे नगर निगम में पार्षद चुने गए थे और इसके बाद वह 2004 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर पहली बार विधायक बने थे। शिंदे के कद का अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि उन्हें पार्टी में दूसरे सबसे प्रमुख नेता के रूप में देखा जाता है। शिंदे के बेटे डॉ श्रीकांत शिंदे कल्याण सीट से लोकसभा सदस्य हैं। शिंदे को 2014 में संक्षिप्त अवधि के लिए महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी नियुक्त किया गया था। 


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Content Writer

Anil dev

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