उपभोक्ताओं से धोखा! गैस सिलेंडर के वजन में भारी कमी; 14.2 की जगह मिल रही इतने किलो गैस
punjabkesari.in Tuesday, Mar 24, 2026 - 04:45 PM (IST)
LPG Black Marketing: जयपुर में एलपीजी की किल्लत के बीच उपभोक्ताओं की जेब और सुरक्षा पर डाका डालने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। जहां एक ओर आम जनता घंटों कतारों में लगकर सिलेंडर का इंतजार कर रही है, वहीं गैस एजेंसियों के डिलीवरी मैन ही कालाबाजारी के खेल में उतर आए हैं। जिला रसद विभाग (DSO) की स्पेशल टीम ने झोटवाड़ा इलाके में दबिश देकर घरेलू गैस सिलेंडरों से अवैध रिफिलिंग करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
रेलवे लाइन के पास चल रहा था 'रिफिलिंग' का धंधा
जिला रसद अधिकारी (जयपुर प्रथम) प्रियव्रत चारण ने बताया कि विभाग को रविवार को खिरणी फाटक रेलवे लाइन के पास अवैध गतिविधियों की गुप्त सूचना मिली थी। स्पेशल टीम ने जब मौके पर छापेमारी की, तो दो गाड़ियों की आड़ में चोरी-छिपे एक व्यक्ति को घरेलू सिलेंडरों से दूसरे खाली सिलेंडरों में गैस भरते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपी की पहचान महेन्द्र सिंह के रूप में हुई है, जो खुद को 'दुर्ग गैस एजेंसी' का प्रतिनिधि बता रहा था।
वजन में मिली भारी कमी: 27 सिलेंडर जब्त
जांच के दौरान टीम ने मौके से 14 भरे हुए और 13 खाली सिलेंडर बरामद किए। जब भरे हुए सिलेंडरों का वजन किया गया, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। मानक वजन 14.2 किलो के बजाय सिलेंडरों में मात्र 11.7 किलो, 12.5 किलो और 13.5 किलो गैस ही मिली। आरोपी प्रति सिलेंडर आधा से ढाई किलो तक गैस निकालकर उन्हें ब्लैक मार्केट में बेचता था।
उपभोक्ताओं के लिए रसद विभाग की एडवाइजरी
इस कार्रवाई के बाद रसद विभाग के अधिकारियों ने आम उपभोक्ताओं से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि:
तोल कर ही लें सिलेंडर: घर आने वाले डिलीवरी मैन से सिलेंडर का वजन करने के लिए अनिवार्य रूप से कहें।
उपकरण की जांच: डिलीवरी मैन के पास वजन करने वाला कांटा (Scale) होना अनिवार्य है।
सील चेक करें: सिलेंडर लेते समय उसकी कंपनी की सील और वजन की शुद्धता की जांच स्वयं करें।
कानूनी कार्रवाई जारी
विशेष टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और बरामद सभी 27 सिलेंडरों को जब्त कर लिया गया है। विभाग अब संबंधित गैस एजेंसी की भूमिका की भी जांच कर रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस खेल में और कौन-कौन शामिल है।
