Gas Cylinder Shortage: इस राज्य सरकार ने तय किया LPG गैस सिलेंडर डिलवरी का नया ''कोटा'', जानें किसे मिलेगी कितनी गैस?

punjabkesari.in Tuesday, Mar 24, 2026 - 11:58 AM (IST)

नेशनल डेस्क: मध्यप्रदेश में इन दिनों गैस सिलेंडरों को लेकर मची अफरा-तफरी के बीच सरकार ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। लगातार गहराते संकट को देखते हुए अब प्रशासन ने 'जिसकी जितनी जरूरत, उतना ही कोटा' वाला फॉर्मूला लागू कर दिया है। सबसे राहत की बात उन आम लोगों के लिए है जो घर में खाना बनाते हैं, क्योंकि घरेलू उपभोक्ताओं को पहले की तरह पूरी सप्लाई मिलती रहेगी। लेकिन कमर्शियल सेक्टर, जैसे होटल और ढाबों के लिए अब राह आसान नहीं होगी।

VIP और जरूरी सेवाओं को प्राथमिकता, जानें किसे मिलेगी कितनी गैस? 

खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग ने साफ कर दिया है कि अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को जिले के कुल कमर्शियल स्टॉक में से 30 प्रतिशत हिस्सा दिया जाएगा ताकि सेहत और पढ़ाई पर कोई आंच न आए। वहीं, सुरक्षा बलों, जेल, रेलवे और एयरपोर्ट जैसी अति-आवश्यक सेवाओं के लिए 35 प्रतिशत का बड़ा हिस्सा सुरक्षित रखा गया है। सरकार की कोशिश है कि समाज के सबसे जरूरी पहिए चलते रहें।

होटल और ढाबों पर गिरेगी मार, कारोबारियों में बढ़ी फिक्र

पिछले दो हफ्तों से राजधानी सहित कई इलाकों में कमर्शियल सिलेंडरों की भारी कमी देखी जा रही है। नई व्यवस्था के तहत अब होटलों और रेस्टोरेंट को महज 9-9 प्रतिशत और छोटे ढाबों या स्ट्रीट फूड वालों को सिर्फ 7 प्रतिशत सिलेंडर ही मिल पाएंगे। इस फैसले से व्यापारियों में खासी नाराजगी है, क्योंकि उनका कहना है कि कम सिलेंडर मिलने से उनके चूल्हे ठंडे पड़ सकते हैं और धंधा चौपट होने की कगार पर पहुँच गया है।

जमाखोरों की अब खैर नहीं

मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और विभाग के आला अफसरों ने सख्त चेतावनी दी है कि इस संकट की घड़ी में अगर कोई कालाबाजारी या अवैध भंडारण करता पाया गया, तो उस पर कानून का भारी डंडा चलेगा। प्रशासन की टीमें अब बाजारों में औचक निरीक्षण करेंगी। साथ ही, सरकार ने उद्योगों और संस्थानों को सलाह दी है कि वे फिलहाल के लिए बिजली या अन्य वैकल्पिक ऊर्जा के स्रोतों का इस्तेमाल करें ताकि गैस की उपलब्धता का संतुलन बना रहे।

विकास की अन्य हलचल

एक तरफ जहां गैस को लेकर सख्ती है, वहीं दूसरी तरफ मध्यप्रदेश के परिवहन और इंफ्रास्ट्रक्चर में भी बड़े बदलाव हो रहे हैं। प्रदेश के कई जिलों में दशकों का इंतजार खत्म होने वाला है और 23 से 26 मार्च के बीच नई रेल लाइनों पर इंजन दौड़ने की तैयारी है। इसके साथ ही प्रदेश को चार नए एयरपोर्ट्स की सौगात भी मिलने वाली है, जिससे एमपी की तरक्की को नई उड़ान मिलेगी।


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Content Editor

Anu Malhotra

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