LPG Crisis : 1600 से 4000 रुपये तक पहुंचा गैस सिलेंडर! ईद से पहले दुकानदारों पर संकट, खाने के कारोबार पर भारी असर

punjabkesari.in Tuesday, Mar 17, 2026 - 11:18 PM (IST)

नेशनल डेस्कः ईरान युद्ध के कारण एलपीजी (गैस) सप्लाई पर संकट गहराता जा रहा है, जिसका असर अब त्योहारों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। राजधानी दिल्ली के जाकिर नगर इलाके में, जहां हर साल रमजान के आखिरी दिनों में खूब रौनक रहती है, इस बार भी बाजार जगमगा रहे हैं, लोग देर रात तक खरीदारी कर रहे हैं और खाने-पीने की दुकानों पर भीड़ लगी है। लेकिन इस बार इन खुशियों के बीच एक बड़ी समस्या सामने आई है- गैस सिलेंडर के बढ़ते दाम।

गैस सिलेंडर के दाम दोगुने से ज्यादा

रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ महीने पहले तक जो कमर्शियल गैस सिलेंडर 1600 से 1800 रुपये में मिल जाता था, वही अब 3500 से 4000 रुपये तक पहुंच गया है। इस अचानक बढ़ोतरी ने छोटे दुकानदारों, होटल और फूड स्टॉल चलाने वालों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई लोग इसे जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग का नतीजा बता रहे हैं।

खाने के बिजनेस पर सीधा असर

गैस महंगी होने का सबसे ज्यादा असर खाने-पीने के कारोबार पर पड़ा है।

  • कई दुकानों ने अपने मेन्यू से महंगे नॉन-वेज आइटम हटा दिए हैं

  • बिरयानी, कोरमा और कबाब जैसे पकवान कम बनाए जा रहे हैं

  • दुकानदार अब वही चीजें बना रहे हैं, जिनमें कम गैस खर्च होती है

कुछ दुकानदारों का कहना है कि हालात इतने खराब हो गए हैं कि उन्हें अपनी दुकानें अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ी हैं।

गैस की जगह कोयला और बिजली का इस्तेमाल

स्थिति से निपटने के लिए कई दुकानदार अब गैस की जगह कोयला या बिजली का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि इससे खाने का स्वाद बदल रहा है और काम की रफ्तार धीमी हो रही है।

सिर्फ दिल्ली नहीं, कई शहर प्रभावित

यह समस्या सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है। लखनऊ जैसे शहरों में भी कई मशहूर खाने की दुकानों ने गैस के बजाय कोयले का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। इससे साफ है कि यह संकट पूरे देश के फूड इंडस्ट्री को प्रभावित कर रहा है।

मुनाफा घटा, नौकरियों पर खतरा

दुकानदारों का कहना है कि उनका मुनाफा तेजी से घट रहा है, ग्राहक भी कम हो रहे हैं और दुकानों में काम करने वाले मजदूरों की नौकरी पर भी खतरा बढ़ गया है।

ईद की खुशियों पर पड़ सकता है असर

ईद जैसे बड़े त्योहार से ठीक पहले यह स्थिति लोगों के लिए चिंता का कारण बन गई है। अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो इसका असर त्योहार की रौनक और खुशियों पर साफ दिखाई देगा।


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Content Writer

Pardeep

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