संसद में सख्त नियम: लाठी-डंडा, पोस्टर-बैनर लाने पर रोक, सीढ़ियों-रास्तों पर बैठना भी मना
punjabkesari.in Monday, Mar 16, 2026 - 11:25 PM (IST)
नेशनल डेस्क: लोकसभा स्पीकर Om Birla ने सांसदों के लिए नई एडवाइजरी जारी करते हुए संसद परिसर में अनुशासन और गरिमा बनाए रखने की अपील की है। इस एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि संसद भवन के अंदर और परिसर में ऐसी गतिविधियों से बचना जरूरी है जो व्यवस्था या शिष्टाचार को प्रभावित करती हों।
रास्ते और सीढ़ियां रहें खुली
एडवाइजरी में कहा गया है कि संसद भवन परिसर के रास्ते, गलियारे, सीढ़ियां और अन्य सार्वजनिक क्षेत्र हमेशा खुले और बिना किसी बाधा के रहने चाहिए। सांसदों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि इन स्थानों पर किसी प्रकार का अवरोध न हो, ताकि आवाजाही सुचारू रूप से जारी रह सके।
हथियार और अन्य वस्तुओं पर प्रतिबंध
स्पीकर कार्यालय की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि संसद परिसर में आग्नेयास्त्र, लाठियां, तलवारें, भाले, डंडे, ईंट-पत्थर या किसी भी तरह के हथियार लाने की अनुमति नहीं है। इस तरह की वस्तुओं के साथ परिसर में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
पोस्टर और बैनर को लेकर फिर चेतावनी
सांसदों को पहले भी कई बार सलाह दी जा चुकी है कि वे संसद परिसर में पोस्टर, प्लेकार्ड और बैनर का इस्तेमाल न करें। इसके बावजूद हाल के दिनों में कुछ सांसदों द्वारा एआई से तैयार की गई तस्वीरों और नारे लिखे पोस्टर संसद की सीढ़ियों और परिसर में प्रदर्शित किए जाने की घटनाएं सामने आई हैं।
इसी को देखते हुए स्पीकर ने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से अपील की है कि वे अपने-अपने सांसदों को उच्च नैतिक आचरण और अनुशासन का पालन करने के लिए निर्देश दें।
हाल के विरोध प्रदर्शन बने कारण
हाल के दिनों में संसद परिसर में कई विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिले हैं। Rahul Gandhi सहित विपक्षी सांसदों ने Makar Dwar के पास एलपीजी सिलेंडर की कमी और सांसदों के निलंबन जैसे मुद्दों पर धरना दिया था।
एक मौके पर राहुल गांधी ने धरने पर बैठे सांसदों के साथ सीढ़ियों पर चाय-नाश्ता भी किया था। वहीं All India Trinamool Congress के सांसदों ने सदन के अंदर बर्तन बजाकर विरोध दर्ज कराया था।
नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई
लोकसभा सचिवालय की ओर से कहा गया है कि यदि इन निर्देशों का उल्लंघन होता है तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसलिए सभी सांसदों से अपील की गई है कि वे संसद की गरिमा और लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करें।
