Bengaluru Doctor Murder: पति ने एनेस्थीसिया के ओवरडोज से की पत्नी की हत्या, फिर गर्लफ्रेंड को मैसेज कर रचा कवर-अप का खेल
punjabkesari.in Thursday, Apr 09, 2026 - 08:06 AM (IST)
बेंगलुरु: बेंगलुरु की मशहूर डर्मेटोलॉजिस्ट (dermatologist) डॉ. कृतिका रेड्डी की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच में सामने आया है कि उनके पति, महेंद्र रेड्डी ने न केवल अपनी मेडिकल जानकारी का गलत फायदा उठाकर पत्नी को मौत की नींद सुलाया, बल्कि सबूत मिटाने के लिए अपनी गर्लफ्रेंड के साथ मिलकर साजिश भी रची।
एनेस्थीसिया के ओवरडोज से हत्या
डॉ. कृतिका और महेंद्र की शादी मई 2024 में हुई थी। शादी के एक साल के भीतर ही, अप्रैल 2025 में कृतिका की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महेंद्र ने दावा किया था कि वह अपनी बीमार पत्नी का इलाज कर रहा है। उसने दो दिनों तक कृतिका को ड्रिप (IV) के जरिए इंजेक्शन दिए। फॉरेंसिक रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि कृतिका के शरीर में 'प्रोपोफोल' (Propofol) नामक एनेस्थीसिया दवा की भारी मात्रा थी, जिसका उपयोग केवल ऑपरेशन थिएटर में किया जाता है।
मोबाइल मैसेज से खुला राज (Digital Evidence)
पुलिस ने महेंद्र के फोन से भारी मात्रा में डेटा रिकवर किया है। जांच में कुछ ऐसे मैसेज मिले हैं जो उसकी पोल खोलते हैं: महेंद्र ने अपनी प्रेमिका को मैसेज भेजा था- "इस मैसेज को देखने के बाद मुझे कॉल या मैसेज मत करना। पुलिस पूछे तो कहना कि हम सिर्फ दोस्त हैं और तुमने मुझसे किसी मदद के लिए फोन किया था।" एक अन्य मैसेज में उसने लिखा- "मैं जल्द ही सबको बता दूंगा... मैंने ही कृतिका को मारा है। एक कातिल कभी खुश नहीं रह सकता और मैं अब जेल जाऊंगा।"
10 लाख से ज्यादा फाइलों की जांच
फॉरेंसिक टीम ने महेंद्र के डिवाइस से 10.34 लाख डिजिटल फाइलें खंगाली हैं। इसमें 'PhonePe' ऐप के 485 चैट रिकॉर्ड और कई डिलीट किए गए मैसेज शामिल हैं। इन सबूतों के आधार पर पुलिस ने उसकी लोकेशन और साजिश का पूरा मैप तैयार किया है।
कोर्ट ने ठुकराई जमानत
महेंद्र रेड्डी ने कोर्ट में जमानत (Bail) की अर्जी दी थी, जिसे सेशंस कोर्ट ने मंगलवार को खारिज कर दिया। कोर्ट ने माना कि आरोप बेहद गंभीर हैं और पुलिस के पास पुख्ता डिजिटल सबूत मौजूद हैं, इसलिए आरोपी को राहत नहीं दी जा सकती।
परिवार का आरोप: धोखे से हुई थी शादी
कृतिका की बहन निकिता ने इस मामले की गहन जांच की मांग की थी, जिसके बाद 'अप्राकृतिक मौत' का मामला 'हत्या' (Section 103, BNS) में बदल गया। परिवार का आरोप है कि महेंद्र का पूरा परिवार आपराधिक बैकग्राउंड का है। उसके जुड़वां भाई पर धोखाधड़ी के केस हैं और महेंद्र खुद भी पहले एक धमकी देने के मामले में आरोपी रह चुका है। शादी के वक्त ये बातें छिपाई गई थीं।
