कर्नाटक उपचुनाव के बीच सामने आई बड़ी गड़बड़ी, वीडियो कैमरों के सामने तोड़े गए स्ट्रॉन्ग रूम के ताले, जानिए पूरा मामला

punjabkesari.in Monday, May 04, 2026 - 01:05 PM (IST)

नेशनल डेस्क: कर्नाटक के दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव की मतगणना की शुरुआत काफी हंगामेदार रही। यहां के  डीआरआर स्कूल स्थित मतगणना केंद्र पर उस समय हड़कंप मच गया, जब अधिकारियों को पता चला कि स्ट्रॉन्ग रूम के ताले खोलने के लिए लाई गई चाबियां ताले से मेल ही नहीं खा रही हैं। काफी मशक्कत के बाद भी जब दरवाजे नहीं खुले, तो प्रशासन को मजबूरन ताले तुड़वाने पड़े।

कैसे हुई यह प्रशासनिक चूक?

नियमों के मुताबिक, सोमवार सुबह चुनाव अधिकारियों और प्रत्याशियों के एजेंटों की मौजूदगी में स्ट्रॉन्ग रूम खोला जाना था। इस दौरान मौके पर डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर जी.एम. गंगाधरस्वामी, ऑब्जर्वर कुमार रमणीकांत और एसपी एच.टी. शेखर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। जैसे ही गिनती शुरू करने की प्रक्रिया शुरू हुई, चाबियां 'मिसमैच' पाई गईं।

हथौड़े और छैनी से खुले दरवाजे

जब ताले खोलने के सारी कोशिशें नाकाम रही तो मतगणना में हो रही देरी को देखते हुए अधिकारियों ने कड़ा फैसला लिया। कुल 4 स्ट्रॉन्ग रूम के तालों को हथौड़े और छैनी की मदद से तोड़ा गया, जिसके बाद ही EVM को बाहर निकाला जा सका। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई।

मतगणना में हुई देरी से अधिकारी हुए नाराज

इस अव्यवस्था के कारण वोटों की गिनती समय पर शुरू नहीं हो सकी। गिनती सुबह 8 बजे शुरू होनी थी। EVM काउंटिंग के लिए  सुबह 8:30 बजे का समय तय था, लेकिन ताले टूटने के इंतजार में इसमें देरी हुई। डिप्टी कमिश्नर जी.एम. गंगाधरस्वामी ने इस गंभीर लापरवाही पर सहायक अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने इसे एक बड़ी प्रशासनिक चूक मानते हुए मामले की जांच के संकेत दिए हैं।

राजनीतिक गलियारों में बना चर्चा का विषय

उपचुनाव जैसे संवेदनशील मौके पर चाबियों का न मिलना या गलत चाबियां आना अब चर्चा का विषय बन गया है। प्रत्याशियों के एजेंटों ने भी इस घटना पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। फिलहाल, सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच मतगणना की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

 

 


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News Editor

Radhika

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