ईरान का बदला: ओमान में ऑयल टैंकर किया तबाह, तेल बाजार में मचा हड़कंप ! संकट में वैश्विक सप्लाई (Video)

punjabkesari.in Sunday, Mar 01, 2026 - 04:26 PM (IST)

International Desk: ओमान के तट के पास स्थित Strait of Hormuz से गुजर रहे एक ऑयल टैंकर पर ईरान ने हमला किया। यह टैंकर पलाऊ के झंडे के तहत पंजीकृत था और ओमान के Musandam Peninsula के पास से गुजर रहा था। ओमान के मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर के अनुसार इस हमले में कम से कम चार लोग घायल हुए हैं। घायल लोगों की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, यह हमला अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की कथित हत्या के बाद बदले की कार्रवाई के रूप में किया गया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।  ईरान ने पहले भी चेतावनी दी थी कि यदि उसके नेतृत्व पर हमला हुआ तो वह कड़ी प्रतिक्रिया देगा।

 

⛴️ An attack was carried out by Iranian forces on the Palau-flagged oil tanker "Skylight" off the coast of Oman, near Musandam, approximately five nautical miles offshore. pic.twitter.com/M6P5Sl0RcG

— DropHast (@DropHast) March 1, 2026

 क्यों अहम है होर्मुज स्ट्रेट?

  • Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है।
  • वैश्विक कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा यहीं से गुजरता है।
  • इसे दुनिया का सबसे संवेदनशील ‘मैरीटाइम चोकपॉइंट’ माना जाता है।
  • यहां किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई से तेल कीमतों में उछाल आ सकता है।

 

क्यों मचा हड़कंप?
होर्मुज स्ट्रेट में हमले के बाद तेल बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है। यह मार्ग वैश्विक तेल सप्लाई की मुख्य धुरी है। किसी भी सैन्य तनाव से सप्लाई बाधित होने का खतरा रहता है, जिससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं और दुनियाभर की अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है। दुनिया के कुल कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा Strait of Hormuz से होकर गुजरता है।  यह समुद्री रास्ता खाड़ी देशों को एशिया, यूरोप और अमेरिका से जोड़ता है। अगर यहां हमला हो जाए, जहाजों की आवाजाही रुक जाए या सैन्य टकराव बढ़ जाए तो तेल की सप्लाई बाधित होने का डर पैदा हो जाता है।

 

 बाजार पर असर
तेल बाजार “डर” पर चलता है। अगर निवेशकों को लगता है कि भविष्य में सप्लाई कम हो सकती है, तो वे तुरंत तेल खरीदना शुरू कर देते हैं।  नतीजन 

  • कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ती हैं
  • शेयर बाजार में गिरावट आ सकती है
  • आयात करने वाले देशों पर दबाव बढ़ता है

 

भारत, चीन, जापान जैसे तेल आयातक देश व यूरोपीय देशों पर असर पड़ेगा। अमेरिका की ऊर्जा नीति भी प्रभावित हो सकती है। अगर तनाव लंबा चला, तो पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है और महंगाई बढ़ सकती है। इस हमले के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ सकता है। यदि हालात बिगड़ते हैं तो वैश्विक तेल बाजार, शिपिंग रूट और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर गंभीर असर पड़ सकता है। अमेरिका, इज़राइल और खाड़ी देशों की प्रतिक्रिया पर अब दुनिया की नजर टिकी है। 
 


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Content Writer

Tanuja

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