Indian Currency: RBI का मास्टरस्ट्रोक: रुपये ने डॉलर को दी पटखनी, विदेशी सामान अब होंगे सस्ते

punjabkesari.in Monday, Feb 02, 2026 - 02:23 PM (IST)

नेशनल डेस्क: शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय मुद्रा के लिए 2 फरवरी 2026 का दिन बड़ी राहत लेकर आया है। विदेशी मुद्रा बाजार में शानदार रिकवरी करते हुए रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 40 पैसे से ज्यादा की मजबूती के साथ बंद हुआ। पिछले कुछ समय से दबाव झेल रही भारतीय करेंसी के लिए इसे एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।

रिजर्व बैंक की सख्त घेराबंदी का असर

रुपये की इस बढ़त के पीछे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की सक्रियता सबसे बड़ी वजह रही। जब रुपया गिरकर 92 के नाजुक स्तर तक पहुंच गया था, तब केंद्रीय बैंक ने बाजार में दखल दिया और बड़े पैमाने पर डॉलर की बिक्री की। आंकड़ों के अनुसार, गिरावट रोकने के लिए RBI ने जनवरी के अंत तक लगभग 43.2 अरब डॉलर बाजार में उतारे। इसके अलावा, केंद्रीय बैंक 'डॉलर-रुपया स्वैप' जैसी तकनीकी रणनीतियों का भी इस्तेमाल कर रहा है, ताकि बाजार में स्थिरता बनी रहे और निवेशकों में घबराहट न फैले।

ग्लोबल मार्केट और कच्चे तेल ने दिया सहारा

अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों ने भी रुपये की वापसी में मदद की है। पिछले काफी समय से चढ़ रहा डॉलर इंडेक्स अब थोड़ा शांत पड़ा है, जिससे अन्य वैश्विक मुद्राओं को उभरने का मौका मिला। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई कमी भारत के लिए वरदान साबित हुई है। तेल सस्ता होने से देश का विदेशी मुद्रा खर्च कम होता है, जिससे सीधे तौर पर रुपये की वैल्यू में सुधार आता है।

बजट का भरोसा और विदेशी निवेश

केंद्रीय बजट 2026 में बुनियादी ढांचे (कैपेक्स) के लिए किए गए 12.2 लाख करोड़ रुपये के बड़े ऐलान ने विदेशी निवेशकों का मनोबल बढ़ाया है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) को भारत की विकास दर पर भरोसा जगा है, जिसके चलते देश में डॉलर का प्रवाह बढ़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के पास मौजूद 700 अरब डॉलर से अधिक का विशाल विदेशी मुद्रा भंडार रुपये के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच की तरह काम कर रहा है।

आम जनता की जेब पर क्या होगा प्रभाव?

रुपये की मजबूती का सीधा असर आम आदमी की जिंदगी पर पड़ता है। अगर रुपया इसी तरह टिका रहा, तो विदेश से आने वाले सामान जैसे मोबाइल के पुर्जे, इलेक्ट्रॉनिक्स और कच्चा तेल सस्ते हो सकते हैं। इससे न केवल महंगाई पर लगाम लगेगी, बल्कि विदेशों में पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए फीस और रहने का खर्च भी पहले के मुकाबले कम हो जाएगा। जानकारों के अनुसार, यदि रुपया मौजूदा स्तर को बरकरार रखता है, तो आने वाले दिनों में यह और भी बेहतर स्थिति में पहुंच सकता है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Anu Malhotra

Related News