सिंगापुर में दीवाली पर की शर्मनाक हरकत, भारतीय मूल के व्यक्ति को जेल
punjabkesari.in Wednesday, Feb 11, 2026 - 07:07 PM (IST)
International Desk: सिंगापुर की एक अदालत ने भारतीय मूल के 36 वर्षीय विकनेस्वरन वी मोगनावल को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और एक सार्वजनिक अधिकारी के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करने के मामले में 14 सप्ताह की जेल की सजा सुनाई है। स्थानीय मीडिया चैनल न्यूज एशिया (CNA) के मुताबिक, विकनेस्वरन ने धार्मिक सद्भाव बनाए रखने के अधिनियम के तहत एक आरोप और लोक सेवक के खिलाफ अभद्र भाषा के एक अन्य आरोप में अपना दोष स्वीकार कर लिया। मामला एक पड़ोसी विवाद से जुड़ा है। आरोपी अपने अपार्टमेंट के पास स्थित साझा गलियारे में पड़ोसी बच्चों के खेलने और शोर-शराबे से नाराज था।
उसकी पड़ोसी मलय-मुस्लिम समुदाय से है और अपने परिवार व नौकरानी के साथ वहीं रहती थी। पहले इस शोर को लेकर सामुदायिक पुलिस इकाई में शिकायत भी की गई थी। हालांकि, दिवाली 2024 के दिन जब बच्चे गलियारे में खेल रहे थे, तो विकनेस्वरन का गुस्सा भड़क उठा। उसने दावा किया कि दिवाली उसका त्योहार है और बच्चों के शोर के कारण उसे अपने घर में आयोजित कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। यह जानते हुए कि इस्लाम में सूअर का मांस वर्जित है, उसने गुस्से में आकर सूअर के मांस का एक डिब्बा खोला और उसे गलियारे के फर्श पर फैला दिया, ताकि उसके मुस्लिम पड़ोसी जब वहां से गुजरें तो उन्हें यह दिखाई दे। इतना ही नहीं, उसी रात करीब 10:15 बजे उसने पुलिस को फोन कर कहा कि उसे अपने पड़ोसी के घर पर सूअर का मांस फेंकने का मन कर रहा है।
पुलिस मौके पर पहुंची और गलियारे में पड़े सूअर के मांस की तस्वीरें सबूत के तौर पर लीं। विकनेस्वरन को 20 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया गया और बाद में उसे मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में रखा गया। उसने यह भी स्वीकार किया कि फरवरी 2025 में एक अन्य मामले में उसने पुलिसकर्मियों को गालियां दी थीं। उप लोक अभियोजक चोंग की एन ने अदालत में कहा कि आरोपी का व्यवहार “अपरिपक्व और शर्मनाक” था और इसके लिए 14 सप्ताह की जेल की सजा मांगी। अदालत में विकनेस्वरन ने अपने किए पर अफसोस और शर्मिंदगी जताई।
