रास्ते में एक भारतीय और एक सांप मिले, तो पहले भारतीय को मारो- एपस्टीन फाइल्स में नॉर्वे के नेता
punjabkesari.in Monday, Feb 02, 2026 - 06:14 PM (IST)
नेशनल डेस्क: कुख्यात अपराधी जेफरी एप्स्टीन से जुड़े दस्तावेजों के हालिया खुलासे ने पूरी दुनिया, खासकर भारत में एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा सार्वजनिक किए गए 30 लाख पन्नों के इन दस्तावेजों में नॉर्वे के पूर्व दिग्गज राजनयिक टेर्जे रोड लार्सन का एक ईमेल सामने आया है, जिसमें भारतीयों के प्रति गहरी नफरत और नस्लवाद साफ दिखाई दे रहा है।
क्या है वह आपत्तिजनक Email?
रूस के सरकारी मीडिया 'RT' द्वारा साझा किए गए दस्तावेजों के अनुसार, 25 दिसंबर 2015 को टेर्जे रोड लार्सन ने जेफरी एप्स्टीन को एक ईमेल भेजा था। यह ईमेल तब भेजा गया जब एप्स्टीन ने एक भारतीय राजनेता का संदेश लार्सन को फॉरवर्ड किया। जवाब में लार्सन ने एक बेहद घटिया कहावत का इस्तेमाल करते हुए लिखा: "क्या तुमने यह कहावत सुनी है—अगर रास्ते में एक भारतीय और एक सांप मिले, तो पहले भारतीय को मारो।" यह खुलासा होते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति के लिए काम करने वाले व्यक्ति के मुंह से ऐसी बात निकलना सबको हैरान कर रहा है।
Epstein Files: Norwegian Diplomat Makes Anti-India Comment: 'Have You Heard The Saying, When You Meet An Indian & A Snake, K*ll The Indian First!'
— RT_India (@RT_India_news) February 2, 2026
That's Terje Rod-Larsen - president of the International Peace Institute... pic.twitter.com/TczAHrX3UG
कौन हैं टेर्जे रोड लार्सन?
टेर्जे रोड लार्सन नॉर्वे के एक बहुत ही प्रभावशाली राजनयिक रहे हैं। उन्हें 1990 के दशक में इजराइल और फिलिस्तीन के बीच हुई ऐतिहासिक 'ओस्लो शांति प्रक्रिया' का मुख्य सूत्रधार माना जाता है। वे संयुक्त राष्ट्र (UN) में राजदूत और मिडिल ईस्ट शांति प्रक्रिया के विशेष समन्वयक जैसे बड़े पदों पर रह चुके हैं। 2020 तक वे 'इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट' के अध्यक्ष थे, लेकिन एप्स्टीन के साथ उनके आर्थिक संबंधों की खबर आने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।
एप्स्टीन फाइल्स में भारत का नाम
हाल ही में जारी हुए इन दस्तावेजों में केवल लार्सन ही नहीं, बल्कि कई अन्य जगहों पर भी भारत का जिक्र आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एप्स्टीन भारत-अमेरिका-इजराइल के बीच पर्दे के पीछे से अपना प्रभाव बनाने की कोशिश कर रहा था। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने इन ईमेल में प्रधानमंत्री और उनकी इजराइल यात्रा के संदर्भों को एक अपराधी की "बकवास सोच" करार देते हुए पूरी तरह खारिज कर दिया है।
आखिर क्या हैं ये एप्स्टीन फाइल्स?
जेफरी एप्स्टीन एक अमेरिकी फाइनेंसर था, जिस पर नाबालिगों की तस्करी और यौन शोषण के गंभीर आरोप थे। 2019 में जेल में उसकी संदिग्ध मौत के बाद से ही उसके रसूखदार संपर्कों को लेकर जांच चल रही थी। अब अमेरिकी कानून के तहत जारी किए गए इन दस्तावेजों में दुनिया के बड़े नेताओं, उद्योगपतियों और हस्तियों के नाम सामने आ रहे हैं, जो किसी न किसी तरह एप्स्टीन के संपर्क में थे।
