ईरान में फंसे 16 भारतीय नाविक, कांसुलर एक्सेस न मिलने पर भारत ने दिखाई सख्ती
punjabkesari.in Saturday, Jan 17, 2026 - 07:09 PM (IST)
International Desk: ईरान में हिरासत में लिए गए जहाज़ MT Valiant Roar पर सवार 16 भारतीय नाविकों को लेकर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने शनिवार को स्पष्ट किया कि 14 दिसंबर 2025 से अब तक कई बार अनुरोध करने के बावजूद ईरानी अधिकारियों ने कांसुलर एक्सेस नहीं दिया है। भारतीय दूतावास के अनुसार, दिसंबर के मध्य में यह जानकारी मिली थी कि ईरानी अधिकारियों ने MT Valiant Roar को रोक लिया है, जिसमें 16 भारतीय नागरिक चालक दल के सदस्य हैं। इसके तुरंत बाद भारत ने औपचारिक पत्र लिखकर कांसुलर एक्सेस और नाविकों को अपने परिवारों से संपर्क की अनुमति देने की मांग की थी।
दूतावास ने कहा कि यह अनुरोध राजनयिक पत्राचार, व्यक्तिगत बैठकों और यहां तक कि राजदूत स्तर पर भी कई बार दोहराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इस बीच, भारतीय मिशन ने नाविकों की मानवीय जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए ईरानी नौसेना की मदद से खाद्य सामग्री और पानी की आपात आपूर्ति सुनिश्चित करवाई है। साथ ही, जहाज़ की यूएई-आधारित स्वामित्व कंपनी से संपर्क कर कानूनी प्रतिनिधित्व और नियमित आपूर्ति की व्यवस्था पर दबाव बनाया जा रहा है। दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास भी इस मामले में सक्रिय है।
यह मामला फिलहाल ईरान की न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है, लेकिन भारत ने स्पष्ट किया है कि वह कांसुलर एक्सेस और त्वरित सुनवाई के लिए लगातार प्रयास करता रहेगा। गौरतलब है कि 8 दिसंबर 2025 को ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने यूएई के दिब्बा पोर्ट के पास अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में इस जहाज़ को रोका था। ईरान का आरोप है कि जहाज़ पर 6,000 मीट्रिक टन ईंधन की तस्करी की जा रही थी। इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब जहाज़ के थर्ड इंजीनियर केतन मेहता के परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपने बेटे की सुरक्षित वापसी के लिए अपील की।
