130 मिलियन भारतीयों को बड़ा झटका! फ्री चैनलों पर लग सकता है ब्रेक... जानिए क्या है पूरी वजह

punjabkesari.in Saturday, Apr 11, 2026 - 07:28 PM (IST)

नेशनल डेस्क : भारत में स्मार्ट टीवी ने टीवी देखने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है, जहां अब केवल इंटरनेट के जरिए सैकड़ों चैनल आसानी से देखे जा सकते हैं। लेकिन यह सुविधा आगे भी मुफ्त रहेगी या नहीं, इस पर अब बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। आने वाले समय में स्मार्ट टीवी यूजर्स को बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

Telecom Regulatory Authority of India कर रहा है बड़ा विचार

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Telecom Regulatory Authority of India (TRAI) इस बात पर विचार कर रहा है कि स्मार्ट टीवी ऐप्स को भी DTH और केबल सेवाओं की तरह नियमों के दायरे में लाया जाए। इस पर अंतिम फैसला 4 मई 2026 को आने की संभावना है। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो अभी तक मुफ्त में उपलब्ध कई टीवी चैनलों पर शुल्क लग सकता है।

13 करोड़ से ज्यादा यूजर्स पर पड़ सकता है असर

भारत में करीब 13 करोड़ से अधिक लोग स्मार्ट टीवी के जरिए बिना किसी केबल या DTH कनेक्शन के 150 से ज्यादा चैनल मुफ्त में देख रहे हैं। इन यूजर्स को केवल इंटरनेट कनेक्शन और कुछ ऐप्स की जरूरत होती है, जिससे वे न्यूज, एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और अन्य चैनल आसानी से एक्सेस कर लेते हैं। नए नियम लागू होने पर इन यूजर्स को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है।

DTH बनाम स्मार्ट टीवी: असमानता खत्म करने की तैयारी

जहां DTH और केबल कंपनियां हर चैनल के लिए पैकेज बनाकर शुल्क लेती हैं और उन्हें सरकारी नियमों व फीस का पालन करना पड़ता है, वहीं स्मार्ट टीवी ऐप्स पर कई चैनल अभी भी मुफ्त उपलब्ध हैं। इसी असमानता को खत्म करने के लिए TRAI यह कदम उठाने पर विचार कर रहा है, जिससे सभी प्लेटफॉर्म्स के लिए एक समान नियम लागू हो सकें।

हर यूजर पर नहीं पड़ेगा असर

हालांकि यह बदलाव बड़ा लग सकता है, लेकिन इसका असर हर यूजर पर जरूरी नहीं पड़ेगा। आज के समय में अधिकांश लोग स्मार्ट टीवी का उपयोग Netflix, Amazon Prime Video और YouTube जैसे प्लेटफॉर्म्स पर OTT कंटेंट देखने के लिए करते हैं। कई यूजर्स के लिए फ्री टीवी चैनल प्राथमिकता में नहीं होते।

क्या बदल जाएगा टीवी देखने का अनुभव?

आने वाले समय में स्मार्ट टीवी पर फ्री चैनल देखना मुश्किल हो सकता है, लेकिन इसका असर यूजर के उपयोग के तरीके पर निर्भर करेगा। अब सबकी नजर Telecom Regulatory Authority of India के 4 मई के फैसले पर टिकी है, जो यह तय करेगा कि भारत में टीवी देखने का अनुभव कितना बदलने वाला है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

News Editor

Parveen Kumar

Related News