Heavy Rain Alert: 8, 9, 10 व 11 अप्रैल को बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की बड़ी भविष्यवाणी

punjabkesari.in Friday, Apr 04, 2025 - 08:21 PM (IST)

नेशनल डेस्क: अप्रैल का महीना शुरू होते ही मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। देश के कई हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसमी प्रणालियों के प्रभाव के कारण बारिश की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, 8 से 10 अप्रैल 2025 के बीच देश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश, तेज हवाएं और कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है। खासतौर पर हिमालयी क्षेत्र, दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के राज्यों में मौसम का मिजाज बदलेगा। आइए जानते हैं, किन-किन इलाकों में कैसा रहेगा मौसम का हाल।

पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में बारिश की संभावना

8 अप्रैल 2025 को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में बारिश होने की संभावना है। यह प्रणाली ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी भी ला सकती है। 9 और 10 अप्रैल को भी इस क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश के आसार बने रह सकते हैं।

दक्षिण भारत में भारी बारिश की चेतावनी

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में 8 अप्रैल को केरल और माहे में भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी कुछ इलाकों में भारी बारिश के आसार हैं। यह स्थिति 9 और 10 अप्रैल को भी जारी रह सकती है।

पूर्वोत्तर भारत में व्यापक बारिश

अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 8 अप्रैल को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। 9 और 10 अप्रैल को भी इस क्षेत्र में वर्षा का दौर जारी रह सकता है, जिससे किसानों और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

पूर्वी भारत में ओलावृष्टि और तेज हवाएं

ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 अप्रैल को गरज के साथ छींटे पड़ने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। झारखंड और असम-मेघालय क्षेत्र में भी ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। यह स्थिति 9 और 10 अप्रैल को भी बनी रह सकती है।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी भारी बारिश

8 अप्रैल से 10 अप्रैल तक अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान समुद्री गतिविधियों पर असर पड़ सकता है, जिससे मछुआरों और नौकायन करने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Ashutosh Chaubey

Related News