Hand Sanitizer Cancer Risk: हैंड सैनेटाइजर से भी हो सकता है कैंसर? एथेनॉल को लेकर चौंकाने वाला दावा
punjabkesari.in Monday, Oct 27, 2025 - 07:09 PM (IST)
नई दिल्ली: कोरोना काल की एक सबसे अहम सीख थी - साफ हाथ, सुरक्षित जीवन। उस दौर में हैंड सैनेटाइज़र हमारे जीवन का जरूरी हिस्सा बन गया था। घर से बाहर निकलना तो दूर, घर में दाखिल होने से पहले भी हाथ सैनेटाइज़ करना एक आदत बन गई थी। लेकिन अब, वही सैनेटाइज़र एक नई बहस के केंद्र में है। वजह है — इसमें इस्तेमाल होने वाला एथेनॉल (Ethanol), जिसके संभावित दुष्प्रभावों को लेकर यूरोप में गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
क्या है पूरा मामला?
यूरोपियन यूनियन (EU) इस समय बायोसाइडल प्रोडक्ट्स - यानी कीटाणुनाशक उत्पादों - की समीक्षा कर रहा है। इसमें हैंड सैनेटाइज़र भी शामिल हैं। चर्चा का केंद्र है एथेनॉल, जिसे कुछ शुरुआती रिपोर्टों में कैंसर और प्रजनन स्वास्थ्य पर असर डालने वाला बताया गया है। यही कारण है कि अब यूरोपियन केमिकल्स एजेंसी (ECHA) ने इसे “संभावित हानिकारक पदार्थ” की सूची में डालने पर विचार शुरू किया है।
रिपोर्ट के अनुसार, एजेंसी की बायोसाइडल प्रोडक्ट्स कमेटी नवंबर 2025 के अंत में इस विषय पर बैठक करेगी। इसमें एथेनॉल से जुड़े वैज्ञानिक आंकड़ों का विश्लेषण किया जाएगा। अगर इसे मानव स्वास्थ्य के लिए जोखिमभरा पाया गया, तो एथेनॉल आधारित उत्पादों के स्थान पर अन्य विकल्पों की सिफारिश की जा सकती है।
लेकिन क्या वास्तव में खतरा है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अमेरिका की सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) का कहना है कि एथेनॉल आधारित हैंड सैनेटाइज़र पूरी तरह सुरक्षित हैं। उनका मानना है कि रोजमर्रा के उपयोग से इससे किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का खतरा नहीं होता। एक अस्पतला के हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है – “अब तक के वैज्ञानिक प्रमाण यही बताते हैं कि सामान्य परिस्थितियों में हैंड सैनेटाइज़र में मौजूद एथेनॉल किसी गंभीर खतरे की वजह नहीं बनता। सीमित या सामान्य उपयोग से इसका कोई नकारात्मक प्रभाव साबित नहीं हुआ है।” उन्होंने यह भी कहा कि 60% से अधिक एथेनॉल वाले सैनेटाइज़र ही बैक्टीरिया और वायरस को प्रभावी रूप से खत्म कर सकते हैं। यही वजह है कि इन्हें सबसे भरोसेमंद हाइजीन प्रोडक्ट माना जाता है।
