अब पीरियड ब्लड बताएगा डायबिटीज और कैंसर का खतरा, शोध में हुआ बड़ा खुलासा
punjabkesari.in Saturday, Mar 14, 2026 - 04:51 PM (IST)
Menstrual Blood: अब तक जिसे शरीर का व्यर्थ हिस्सा मानकर फेंक दिया जाता था, वही 'पीरियड ब्लड' (मासिक धर्म का रक्त) भविष्य में महिलाओं के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकता है। हालिया वैज्ञानिक शोधों ने यह चौंकाने वाला खुलासा किया है कि पीरियड ब्लड केवल अपशिष्ट नहीं, बल्कि शरीर के भीतर पनप रही बीमारियों का एक सटीक 'बायोमार्कर' है।
1. डायबिटीज की निगरानी अब और भी आसान
अक्सर ब्लड शुगर चेक करने के लिए महिलाओं को सुई (Prick) का दर्द सहना पड़ता है, लेकिन अब इसकी जरूरत नहीं होगी। 172 महिलाओं पर की गई एक स्टडी में पाया गया कि पीरियड ब्लड में मौजूद HbA1c (तीन महीने का औसत शुगर लेवल) के परिणाम सामान्य ब्लड टेस्ट के समान ही सटीक हैं। इसका मतलब है कि भविष्य में महिलाएं बिना किसी दर्द के अपनी डायबिटीज को मॉनिटर कर सकेंगी।
2. कैंसर का शुरुआती संकेत
पीरियड ब्लड में छिपे सूक्ष्म कण सर्वाइकल और एंडोमेट्रियल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों की पहचान कर सकते हैं:
HPV वायरस: इसकी मौजूदगी से सर्वाइकल कैंसर के खतरे का पहले ही पता लगाया जा सकता है।
CA-125 मार्कर: यह एंडोमेट्रियल कैंसर के शुरुआती संकेतों को पहचानने में मदद करता है।
स्मार्ट पैड्स: वैज्ञानिक ऐसे पैड्स और मेंस्ट्रुअल कप विकसित कर रहे हैं जो रंग बदलकर या मोबाइल ऐप के जरिए बीमारियों की चेतावनी देंगे।
3. यूटेरस की सेहत का 'गुप्त झरोखा'
गर्भाशय (Uterus) के अंदरूनी हालातों को बिना सर्जरी या जटिल टेस्ट के समझना हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है। शोध बताते हैं कि पीरियड ब्लड में मौजूद HMGB1 जैसे खास प्रोटीन 'एंडोमेट्रियोसिस' जैसी गंभीर और दर्दनाक बीमारियों का पता तब भी लगा सकते हैं, जब शरीर में कोई बाहरी लक्षण न दिख रहे हों।
क्यों खास है यह तकनीक?
विशेषज्ञों के अनुसार, इस पद्धति के तीन सबसे बड़े फायदे हैं:
नॉन-इनवेसिव (Non-invasive): इसमें सुई चुभाने या इंजेक्शन की जरूरत नहीं होती।
सुविधाजनक: महिलाएं घर बैठे पैड, टैम्पोन या मेंस्ट्रुअल कप के जरिए सैंपल दे सकती हैं।
समय की बचत: बीमारियों का शुरुआती स्टेज पर पता चलने से इलाज अधिक प्रभावी और सस्ता हो जाता है।
