Haj Fee Hike Row: ₹10,000 अतिरिक्त शुल्क पर भड़के Asaduddin Owaisi, केंद्र से परिपत्र वापस लेने की मांग
punjabkesari.in Thursday, Apr 30, 2026 - 03:07 PM (IST)
Haj Fee Hike Row: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र से भारतीय हज कमेटी द्वारा जारी वह परिपत्र वीरवार को वापस लेने की मांग की, जिसके तहत हज यात्रियों पर 100 अमेरिकी डॉलर का अतिरिक्त शुल्क लगाया गया है।
यह अतिरिक्त शुल्क पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण लगाया गया है। ओवैसी ने 'X' पर एक पोस्ट में कहा कि 10,000 रुपये (100 अमेरिकी डॉलर) की इस बढ़ोतरी से कुछ महीने पहले मुंबई प्रस्थान केंद्र से रवाना हुए प्रत्येक यात्री से 90,844 रुपये वसूले गए थे, जो प्रति यात्री मौजूदा किराए से लगभग दोगुना है।
उन्होंने पोस्ट में केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू और के. राममोहन नायडू को टैग करते हुए कहा, क्या हज कमेटी के जरिए जाने वाले यात्रियों को सजा दी जा रही है? यह शोषण के अलावा और कुछ नहीं है। अधिकांश यात्री अमीर नहीं होते, वे हज पर जाने के लिए वर्षों तक पैसे बचाते हैं। यह उनके लिए कोई विलासिता नहीं है। इस परिपत्र को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए और यात्रियों से लिया गया पैसा उन्हें वापस किया जाना चाहिए।
The Haj Committee is demanding an additional ₹10,000 from Haj pilgrims as “differential airfare.” This is despite collecting ₹90,844 per pilgrim a couple of months ago departing from Mumbai Embarkation Point. This is almost DOUBLE the prevalent rates for individual travellers.… pic.twitter.com/k6xUYkFAsK
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) April 30, 2026
ओवैसी के आधिकारिक 'X' अकाउंट पर पोस्ट किए गए परिपत्र में कहा गया है विमानन कंपनियों ने मूल किराये में 100 अमेरिकी डॉलर से अधिक की बढ़ोतरी का आग्रह किया था, जिसके आधार पर बढ़ोतरी का फैसला लिया गया। परिपत्र में कहा गया है कि पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति के कारण विमान ईंधन (ATF) की कीमत बढ़ जाने के चलते कंपनियों ने बढ़ोतरी का आग्रह किया था।
