Salary/DA Hike: केंद्रीय कर्मचारियों का 60% हुआ DA, जानें कितनी बढ़कर आएगी अब सैलरी
punjabkesari.in Saturday, Apr 18, 2026 - 06:06 PM (IST)
नई दिल्ली: भारत के लाखों सरकारी कर्मचारियों-पेंशनकर्मचारियों के लिए आज एक बड़ी खुशखबरी सामने आई। लंबे इंतजार के बाद आज सरकार ने 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के तहत महंगाई भत्ते (DA) में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट के इस फैसले के बाद अब कुल महंगाई भत्ता 58% से बढ़कर 60% हो गया है।
कब से मिलेगा लाभ?
यह नई दरें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी। कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर यह है कि उन्हें जनवरी से अप्रैल तक का 4 महीने का एरियर (Arrears) अप्रैल की सैलरी के साथ एकमुश्त मिलेगा। इस फैसले से सरकारी खजाने पर सालाना लगभग 6,791.24 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। सरकार के इस कदम का सीधा लाभ देश के 50.46 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगा। 68.27 लाख पेंशनर्स को बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता (DR) मिलेगा।
2% की बढ़ोतरी से कैसे बदलेगी आपकी सैलरी
अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 30,000 रुपये है, तो पहले उसे 58% की दर से 17,400 रुपये महंगाई भत्ता (DA) मिल रहा था। अब यह बढ़कर 60% हो गया है, जिससे उसे 18,000 रुपये मिलेंगे। यानी हर महीने उसकी आय में 600 रुपये की बढ़ोतरी होगी।
Cabinet approves additional instalment of Dearness Allowance to Central Government employees and Dearness Relief (DR) to pensioners w.e.f. 01.01.2026
— PIB India (@PIB_India) April 18, 2026
💠The combined impact on the exchequer on account of increase in both Dearness Allowance and Dearness Relief would be Rs. 6791.24…
इसी तरह, 20,000 रुपये बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी को पहले 58% के हिसाब से 11,600 रुपये DA मिलता था। अब 60% होने पर यह बढ़कर 12,000 रुपये हो जाएगा, जिससे हर महीने 400 रुपये ज्यादा मिलेंगे।
कैसे तय होता है DA?
महंगाई भत्ता कर्मचारियों को बढ़ती महंगाई से राहत देने के लिए दिया जाता है। इसकी गणना CPI-IW (Consumer Price Index for Industrial Workers) के पिछले 12 महीनों के औसत के आधार पर की जाती है। केंद्र सरकार साल में दो बार (जनवरी-जुलाई) इसमें संशोधन करती है। केंद्र के ऐलान के बाद, राज्य सरकारें भी आमतौर पर इसी तर्ज पर अपने कर्मचारियों का DA बढ़ाती हैं।
DA में बढ़ोतरी के साथ ही अब 8वें वेतन आयोग के गठन की मांग भी तेज हो गई है। कर्मचारी संघों की मांग है कि minimum wage में 6% की सालाना ग्रोथ और बेसिक सैलरी में बड़ा इजाफा किया जाए। हालांकि, सरकार की ओर से अभी इस पर कोई आधिकारिक डेडलाइन जारी नहीं की गई है।
