बच्चों में कोरोना वायरस संक्रमण के बचाव और इलाज के लिए जारी किए गए दिशा-निर्देश

2021-06-12T13:00:59.78

नेशनल डेस्क: कोरोना की दूसरी लहर के बाद अब इसकी तीसरी लहर के आने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में बच्चों को तीसरी लहर से बचाने व उनके इलाज के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) की तरफ से जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि 18 साल से कम उम्र के बच्चों के इलाज में रेमडेसिवीर का प्रयोग न किया जाए। इसके अलावा बच्चों के इलाज में स्टेरायड के इस्तेमाल से भी बचने को कहा गया है।

5 साल के कम उम्र के बच्चों को मास्क न पहनने की सलाह दी गई है। इसकी वजह यह है कि छोटे बच्चे मास्क को बार-बार छूते हैं जिससे संक्रमण का खतरा और भी बढ़ सकता है। बच्चों को संक्रमण से दूर रखने के लिए मास्क की जगह उनके माता-पिता को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। दिल्ली मेडिकल काउंसिल (डीएमसी) के अध्यक्ष व बाल रोग विशेषज्ञ डा. अरुण गुप्ता का कहना है कि माता-पिता घर में भी बच्चों के पास बगैर मास्क के न जाएं। इसके अलावा अपने हाथों को पहले सैनिटाइज़ करें उसके बाद ही बच्चे को गोद में उठाएं। बच्चे को अभी घर से बाहर न लेकर जाएं।

बच्चों के लिए जारी किए गए दिशा निर्देश में यह भी बताया गया है कि बच्चों पर रेमडेसिवीर का कैसा प्रभाव पड़ता है इसका कोई प्रामाणिक डाटा नहीं है। इसके अलावा स्टेरायड का भी शरीर को नुकसान ही होता है। इनका इस्तेमाल केवल अस्पताल में भर्ती गंभीर संक्रमण वाले मरीजों पर सख्त निगरानी में ही होना चाहिए। मरीजों को सही खुराक दें और स्टेरायड के इस्तेमाल से बचें। बच्चे के फेफड़े में संक्रमण की स्थिति हो जाने पर अगर बहुत जरूरी लगे तब ही सीटी स्कैन करवाए। जो दवाएं चल रही हैं उनसे बच्चे के शरीर को कोई नुकसान तो नहीं हो रहा इसकी भी निगरानी डॉक्टर करें।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Hitesh

Recommended News