पहले कुछ और था गूगल का नाम, फिर एक स्पेलिंग मिस्टेक के कारण बन गया Google

punjabkesari.in Wednesday, Mar 11, 2026 - 05:11 PM (IST)

नेशनल डेस्क : आज इंटरनेट पर किसी भी जानकारी को खोजने के लिए सबसे पहले जिस नाम का ख्याल आता है, वह है Google। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस मशहूर सर्च इंजन का नाम शुरुआत में कुछ और था। दिलचस्प बात यह है कि 'गूगल' नाम भी किसी लंबी योजना का परिणाम नहीं था, बल्कि एक छोटी सी स्पेलिंग गलती के कारण यह नाम दुनिया के सामने आया।

1995 में शुरू हुई कहानी

गूगल की कहानी साल 1995 में अमेरिका की प्रसिद्ध Stanford University से शुरू होती है। यहां पढ़ाई कर रहे दो छात्रों Larry Page और Sergey Brin ने इंटरनेट पर मौजूद जानकारी को बेहतर तरीके से खोजने का तरीका ढूंढने का विचार किया।

शुरुआत में दोनों के विचार कई मामलों में अलग थे और अक्सर उनके बीच बहस भी होती थी। लेकिन धीरे-धीरे उनकी यही अलग सोच एक मजबूत साझेदारी में बदल गई। इसी साझेदारी से आगे चलकर दुनिया का सबसे लोकप्रिय सर्च इंजन तैयार हुआ।

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जब सर्च इंजन का नाम था 'Backrub'

जब ये दोनों छात्र अपने हॉस्टल के कमरों में इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे, तब उन्होंने एक ऐसा सर्च सिस्टम बनाया जो वेबसाइटों के बीच मौजूद लिंक का विश्लेषण करता था। इस सिस्टम के जरिए यह पता लगाया जाता था कि किसी वेबसाइट की लोकप्रियता कितनी है और कितनी अन्य वेबसाइटें उससे जुड़ी हुई हैं। क्योंकि यह तकनीक बैकलिंक का विश्लेषण करती थी, इसलिए शुरुआती दौर में इस सर्च इंजन का नाम Backrub रखा गया। हालांकि कुछ समय बाद उन्हें महसूस हुआ कि यह नाम उतना आकर्षक नहीं है और इसे बदलना चाहिए।

'Googol' से 'Google' बनने की कहानी

नए नाम की तलाश के दौरान टीम ने Googol शब्द पर विचार किया। गणित में Googol का मतलब होता है 1 के बाद 100 शून्य। इस नाम के जरिए यह दिखाने की कोशिश की जा रही थी कि सर्च इंजन इंटरनेट पर मौजूद विशाल मात्रा में जानकारी को संभाल सकता है। लेकिन असली कहानी यहां से शुरू होती है। जब डोमेन नाम की उपलब्धता जांची जा रही थी, तब एक छात्र Sean Anderson ने गलती से 'Googol' की जगह Google टाइप कर दिया।

यह एक साधारण टाइपो था, लेकिन जब देखा गया कि google.com डोमेन खाली है, तो यह नाम सभी को पसंद आ गया। Larry Page को यह नाम खास तौर पर अच्छा लगा और उन्होंने उसी नाम को स्वीकार कर लिया। इसके बाद तुरंत यह डोमेन रजिस्टर कर लिया गया।

1998 में आधिकारिक शुरुआत

गूगल की आधिकारिक शुरुआत 4 सितंबर 1998 को हुई। शुरुआती दिनों में कंपनी का काम एक छोटे से गैरेज से शुरू हुआ था। लेकिन कुछ ही वर्षों में यह कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में शामिल हो गई।

आज Google केवल एक सर्च इंजन नहीं है। इसके जरिए लोग कई सेवाओं का उपयोग करते हैं, जैसे:

  • ईमेल सेवा
  • ऑनलाइन मैप्स
  • क्लाउड स्टोरेज
  • वीडियो प्लेटफॉर्म
  • मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम

इन सेवाओं के कारण यह कंपनी दुनिया भर के अरबों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है।

गूगल अपनी वर्षगांठ कब मनाता है?

हालांकि कंपनी की स्थापना 4 सितंबर 1998 को हुई थी, लेकिन गूगल हर साल 27 सितंबर को अपनी वर्षगांठ मनाता है। इस दिन कंपनी अपनी उपलब्धियों और इंटरनेट की दुनिया में अपने योगदान को याद करती है।


 


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Content Editor

Mehak

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