टेक जगत में हाहाकार: मेटा और माइक्रोसॉफ्ट में 23,000 नौकरियों पर मंडराया संकट, AI निवेश बना बड़ा कारण

punjabkesari.in Saturday, Apr 25, 2026 - 11:07 PM (IST)

नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव और बदलती वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों ने दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों में उथल-पुथल मचा दी है। टेक दिग्गज मेटा (फेसबुक) और माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कार्यबल में भारी कटौती करने और एआई निवेश को बढ़ाने के लिए बड़े कदम उठाए हैं, जिससे लगभग 23,000 पदों पर खतरा मंडरा रहा है,।

मेटा: 20 मई से शुरू होगी छंटनी की प्रक्रिया
मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा ने अपने कर्मचारियों को एक आंतरिक मेमो के जरिए चौंकाने वाली जानकारी दी है। कंपनी अपने कुल स्टाफ का 10 प्रतिशत हिस्सा यानी करीब 8,000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने जा रही है। छंटनी की यह प्रक्रिया 20 मई से शुरू होने की संभावना है। कंपनी का तर्क है कि वह खुद को अधिक “स्मार्ट” और कुशल बनाना चाहती है। इसके साथ ही, मेटा ने भविष्य में 6,000 रिक्त पदों को भी न भरने का कड़ा फैसला लिया है।

माइक्रोसॉफ्ट: कर्मचारियों को दिया 'स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति' का विकल्प
दूसरी ओर, माइक्रोसॉफ्ट ने एक अलग रास्ता अपनाते हुए अपने कर्मचारियों को ‘वॉलंटरी बायआउट’ (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) का ऑफर दिया है। अमेरिका में कार्यरत लगभग 7 प्रतिशत स्टाफ (करीब 8,750 कर्मचारी) इस ऑफर के दायरे में हैं। माइक्रोसॉफ्ट अब अपना पूरा वित्तीय संसाधन और ध्यान डेटा सेंटर बनाने और उन्नत एआई तकनीकों को विकसित करने पर केंद्रित कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियां अब पारंपरिक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के बजाय एआई-आधारित कौशल वाले पेशेवरों को प्राथमिकता दे रही हैं।

केवल आईटी ही नहीं, कंसल्टिंग क्षेत्र पर भी मार
नौकरियों का यह संकट केवल टेक कंपनियों तक सीमित नहीं है। बड़ी कंसल्टिंग फर्म केपीएमजी (KPMG) भी अपने ऑडिट पार्टनर्स की संख्या में 10 प्रतिशत की कमी कर रही है। कंपनियों का स्पष्ट मानना है कि एआई टूल्स की मदद से अब कम लोग अधिक काम करने में सक्षम हैं, जिससे लागत घटाने के लिए छंटनी ही एकमात्र विकल्प बचा है।

युवाओं के लिए चेतावनी: डिग्री काफी नहीं, स्किल जरूरी
यह घटनाक्रम आईटी क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे लाखों युवाओं के लिए एक बड़ी चेतावनी है। अब केवल डिग्री के भरोसे करियर सुरक्षित नहीं माना जा सकता। विशेषज्ञों के अनुसार, भविष्य की दौड़ में बने रहने के लिए युवाओं को खुद को एआई और नई तकनीकों के साथ लगातार अपडेट रखना अनिवार्य हो गया है।


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Content Writer

Pardeep

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