Gold Price Crash: ₹9,800 सस्ता हुआ सोना- दिसंबर 2025 तक 10 ग्राम Gold की रह जाएगी इतनी कीमत...एक्सपर्ट का दावा

punjabkesari.in Wednesday, Oct 29, 2025 - 11:17 AM (IST)

नई दिल्ली: त्योहारों की रौनक के बाद अब सोने की चमक मंद पड़ गई है। दिवाली के बाद से सोने की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है, जिसने निवेशकों को चौंका दिया है। सोमवार को एमसीएक्स पर गोल्ड 4.92% टूटकर ₹1,20,909 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। महज 8 दिन पहले यानी 20 अक्टूबर को यह ₹1,30,749 प्रति 10 ग्राम था - यानी ₹9,800 की भारी गिरावट। वैश्विक स्तर पर भी गोल्ड फ्यूचर्स में 7% से ज्यादा की कमजोरी आई है।

 दिवाली में खरीदारों को लगा झटका
त्योहार के दौरान जिन्होंने निवेश या शादी-ब्याह के लिए सोना खरीदा, वे अब नुकसान में हैं। कीमतों में यह तेज गिरावट न सिर्फ घरेलू बाजारों, बल्कि अंतरराष्ट्रीय गोल्ड मार्केट में भी सुर्खियों में है।

सोने की गिरावट के पीछे क्या हैं वजहें?
हाई लेवल पर प्रॉफिट बुकिंग:
हालिया तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे दाम नीचे आए।
डॉलर की मजबूती: अमेरिकी करेंसी के मजबूत होने से सोना अन्य मुद्राओं में महंगा हो गया और मांग घटी।
अमेरिका-चीन तनाव में कमी: भू-राजनीतिक अनिश्चितता घटने से गोल्ड का “सेफ हेवन” आकर्षण कम हुआ।
बॉन्ड यील्ड्स में बढ़त: बॉन्ड से बेहतर रिटर्न मिलने पर निवेशकों ने सोने से दूरी बनाई।
आरबीआई की खरीद धीमी: केंद्रीय बैंक द्वारा सोने की खरीदारी कम करने का असर भी बाजार पर पड़ा।

 क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा?
केडिया एडवाइजरी के एमडी अजय केडिया का कहना है कि जिन परिवारों में आने वाले महीनों में शादी है, वे अब खरीदारी कर सकते हैं। लेकिन निवेशकों को फिलहाल रुकना चाहिए। “पिछले तीन साल में सोने ने करीब 70% की बढ़त दी थी। अब जब भू-राजनीतिक जोखिम कम हुए हैं, तो 2–5% और गिरावट संभव है। अगर हालात स्थिर रहे, तो दिसंबर 2025 तक गोल्ड ₹1,10,000 प्रति 10 ग्राम तक फिसल सकता है।” केडिया का सुझाव है कि निवेशक फिलहाल इक्विटी या बेस मेटल्स जैसे अन्य विकल्पों पर ध्यान दें।

शॉर्ट टर्म आउटलुक: मुनाफावसूली का दौर जारी रहेगा
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की वाइस प्रेसिडेंट अक्षा कम्बोज ने कहा कि निकट भविष्य में सोना कमजोर रह सकता है। “अभी बाजार में निवेशक मुनाफा निकालने में लगे हैं। इसलिए कीमतों में या तो गिरावट या स्थिरता देखने को मिलेगी। अगली तिमाही में सोना रेंज-बाउंड रहेगा।”

क्या आगे फिर चमकेगा सोना?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक आर्थिक हालात फिर बिगड़ते हैं — जैसे ब्याज दरों में कटौती या भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा — तो सोने में नई तेजी आ सकती है। लेकिन फिलहाल इसका रुख सावधानी भरा और दबाव वाला बना रहेगा।


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Content Editor

Anu Malhotra

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