Gold Price Fall: 12 दिनों में चांदी 43,000, सोने में 12,000 रुपये की जबरदस्त गिरावट, युद्ध की तबाही में क्यों सस्ता हो रहा है सोना?

punjabkesari.in Saturday, Mar 14, 2026 - 01:07 PM (IST)

Why Gold Price Fall: दुनियाभर में इस समय जो हालात हैं, उन्हें देखकर कोई भी कह सकता है कि सोने के दाम आसमान छूने चाहिए। एक तरफ सीमा पर जंग के हालात हैं, तो दूसरी तरफ शेयर बाजार ताश के पत्तों की तरह ढह रहा है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। आमतौर पर जब भी दुनिया में ऐसा संकट आता है, लोग सुरक्षित निवेश के लिए सोने की तरफ भागते हैं और इसकी कीमतें बढ़ जाती हैं। लेकिन इस बार कहानी बिल्कुल उलट है। सोना बढ़ने के बजाय लगातार नीचे गिर रहा है, जिसने बाजार के दिग्गजों को भी हैरान कर दिया है।

घाटे की भरपाई के लिए बिक रहा है सोना
सोने की इस गिरती कीमत के पीछे सबसे बड़ी वजह शेयर बाजार में मचा कोहराम है। निवेशकों को इक्विटी मार्केट में इतना भारी नुकसान हुआ है कि उनके पास नकदी (Cash) की भारी कमी हो गई है। इस नुकसान की भरपाई करने और अपने पास पैसा बनाए रखने के लिए निवेशक अब अपने पास जमा सोने को बेच रहे हैं। यानी बाजार के घाटे को पूरा करने के लिए 'प्रॉफिट बुकिंग' की जा रही है। जब बड़े स्तर पर सोने की बिकवाली होती है, तो मांग कम होने और सप्लाई बढ़ने से कीमतें नीचे आ जाती हैं। यही वजह है कि संकट के समय भी सोना अपनी चमक खो रहा है।

सिर्फ 12 दिनों में धड़ाम हुई कीमतें
अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो गिरावट काफी डराने वाली है। मार्च की शुरुआत में एमसीएक्स पर सोना करीब 1.70 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पास पहुंच गया था, लेकिन सिर्फ 12 दिनों के भीतर इसमें 12 हजार रुपये से ज्यादा की बड़ी सेंध लग गई। शुक्रवार तक सोना गिरकर 1.57 लाख रुपये के स्तर तक आ गया। चांदी का हाल तो और भी बुरा है। जो चांदी 2 मार्च को लगभग 2.97 लाख रुपये प्रति किलो बिक रही थी, वह अब 2.54 लाख रुपये के करीब आ गई है। यानी चांदी में निवेश करने वालों को 12 दिनों में ही प्रति किलो 43 हजार रुपये से ज्यादा का झटका लगा है।

विदेशी बाजारों में भी मंदी का साया
भारतीय बाजार ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी कीमती धातुओं के दाम लुढ़क रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार (कॉमेक्स) में सोने और चांदी दोनों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को क्लोजिंग के समय सोना और चांदी दोनों ही 1 से 4 प्रतिशत तक टूटकर बंद हुए। जानकारों का मानना है कि जब तक शेयर बाजारों में स्थिरता नहीं आती और निवेशकों का डर खत्म नहीं होता, तब तक सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव का यह सिलसिला जारी रह सकता है। वर्तमान में बाजार 'पैनिक सेलिंग' के दौर से गुजर रहा है, जहां सुरक्षित निवेश से ज्यादा जरूरी लोगों के लिए नकदी बचाना हो गया है। 


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Content Editor

Anu Malhotra

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