Gold-Silver Outlook: क्या इस हफ्ते सोने-चांदी की कीमतों में आएगी गिरावट? जानें एक्सपर्ट की राय
punjabkesari.in Monday, Feb 16, 2026 - 07:16 PM (IST)
नेशनल डेस्कः अमेरिका से आने वाले प्रमुख आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के रुख के बीच अगले सप्ताह सोना और चांदी के बाजार में तेज हलचल देखने को मिल सकती है। निवेशकों की नजर महंगाई, जीडीपी और रोजगार से जुड़े डेटा पर टिकी है, क्योंकि इन्हीं संकेतों से ब्याज दरों की दिशा तय होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल कीमती धातुएं सीमित दायरे में कारोबार कर सकती हैं, लेकिन उतार-चढ़ाव बढ़ने की पूरी संभावना है।
अमेरिकी डेटा
विश्लेषकों के अनुसार निवेशकों की नजर खासतौर पर अमेरिका के पर्सनल कंजप्शन एक्सपेंडिचर (PCE) महंगाई आंकड़ों, जीडीपी डेटा, श्रम बाजार के संकेतों और फेड अधिकारियों के बयानों पर रहेगी। इन आंकड़ों से यह संकेत मिलेगा कि ब्याज दरों में कटौती कब और कितनी हो सकती है। JM Financial Services के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च प्रमुख प्रणव मेर का कहना है कि फिलहाल सोना-चांदी किसी स्पष्ट दिशा में नहीं बढ़ रहे हैं और बाजार निर्णायक संकेतों का इंतजार कर रहा है।
घरेलू बाजार में क्या रहा रुख?
पिछले सप्ताह एमसीएक्स (MCX) पर चांदी में तेज गिरावट दर्ज की गई, जबकि सोना हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ। फरवरी 2026 में रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद सोने की कीमतों में गिरावट आई है। मजबूत अमेरिकी रोजगार आंकड़ों ने संकेत दिया है कि फेडरल रिजर्व जल्द दर कटौती के मूड में नहीं है, जिससे सोने पर दबाव बना।
हालांकि उतार-चढ़ाव के बीच सोना अब भी सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में आकर्षण बनाए हुए है। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और एशियाई बाजारों में त्योहारी मांग ने कीमतों को ज्यादा गिरने से रोका है। बाजार में फिलहाल तेजी और गिरावट की ताकतों के बीच संतुलन बना हुआ है, जिससे भाव सीमित दायरे में घूमते दिख रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज सोने-चांदी के भाव कमजोर रहे। MCX पर सोना 1,54,755 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा है, जिसमें 1,140 रुपये की गिरावट आई है। वहीं चांदी 2,36,853 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव का रुख दिखाई दे रहा है। अमेरिकी कॉमेक्स (US Comex) पर सोना 5,010.80 डॉलर प्रति औंस और चांदी 75.26 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है।
दबाव के कारक
सोने को केंद्रीय बैंकों की खरीद, कमजोर डॉलर और टेक व एआई शेयरों में गिरावट के चलते सुरक्षित निवेश की मांग से समर्थन मिला। दूसरी ओर, भारत और चीन में भौतिक मांग का मिला-जुला रुख, ईटीएफ निवेशकों की मुनाफावसूली और मजबूत अमेरिकी आंकड़ों ने तेजी को सीमित किया। चांदी पर औद्योगिक धातुओं में कमजोरी और वैश्विक शेयर बाजारों की नरमी का अतिरिक्त असर देखा गया। ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली ने भी कीमतों को दबाव में रखा।
