Gold & Silver Price Outlook: अभी और सस्ता होगा सोना-चांदी, एक्सपर्ट से जानें इस हफ्ते क्यों गिर सकते हैं दाम?
punjabkesari.in Monday, Feb 16, 2026 - 07:47 AM (IST)
नेशनल डेस्क: सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए यह हफ्ता राहत भरा साबित हो सकता है। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि बुलियन मार्केट में गिरावट का दौर अभी थमा नहीं है और इस सप्ताह भी कीमतों में और गिरावट देखी जा सकती है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े कड़े आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की नीतियों ने कीमती धातुओं पर दबाव बना दिया है।
इस हफ्ते क्यों गिर सकते हैं दाम?
बाजार के जानकारों के मुताबिक, निवेशक इस वक्त पूरी तरह से अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर नजरें गड़ाए हुए हैं। कीमतों में संभावित गिरावट के पीछे मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
अमेरिकी आर्थिक आंकड़े: अमेरिका की जीडीपी (GDP) और व्यक्तिगत उपभोग व्यय (PCE) मुद्रास्फीति के आंकड़े इस हफ्ते आने वाले हैं, जो कीमतों में अस्थिरता पैदा करेंगे।
फेडरल रिजर्व का रुख: फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक के विवरण और फेड अधिकारियों के बयानों से यह साफ होगा कि ब्याज दरों में कटौती कब और कितनी होगी।
मजबूत लेबर मार्केट: अमेरिका में रोजगार के आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहे हैं, जिससे जल्द ब्याज दरें घटने की उम्मीदें कम हो गई हैं। इसका सीधा असर सोने की चमक पर पड़ा है।
पिछले हफ्ते का मार्केट अपडेट (MCX और सर्राफा)
पिछले कारोबारी सप्ताह के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में मिला-जुला लेकिन गिरावट की तरफ झुकाव वाला रुख देखने को मिला:
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX)
चांदी: वायदा भाव में भारी गिरावट रही। पिछले हफ्ते चांदी ₹5,532 (लगभग 2.2%) तक सस्ती हुई।
सोना: सोने में मामूली तेजी दर्ज की गई, जहां कीमतें ₹444 (करीब 0.3%) बढ़ीं।
दिल्ली सर्राफा बाजार (हाजिर भाव)
शुक्रवार को दिल्ली के बाजार में बड़ी उठापटक देखी गई:
चांदी: ₹13,500 प्रति किलो टूटकर ₹2,55,000 पर बंद हुई (गुरुवार को यह ₹2,68,500 थी)।
सोना (99.9% शुद्धता): ₹2,400 प्रति 10 ग्राम गिरकर ₹1,58,500 के स्तर पर आ गया।
विशेषज्ञों की राय
जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के प्रणव मेर के अनुसार, घरेलू बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। वहीं एंजेल वन के प्रथमेश माल्या ने बताया कि फरवरी में सोना अपने उच्चतम स्तर ₹1,80,000 से गिरकर ₹1,53,800 के करीब आ चुका है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे बुल और बियर (तेजड़िये और मंदड़िये) के बीच खींचतान जारी है।
