Gold-Silver latest Price : कल सोना ₹9000... चांदी 29000 हुई थी सस्ती, जानें आज के नए रेट
punjabkesari.in Friday, Mar 20, 2026 - 07:39 PM (IST)
नेशनल डेस्क : गुरुवार को कीमती धातुओं के बाजार में बड़ी हलचल देखने को मिली, जब सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार के दौरान चांदी की कीमतों में करीब 12 फीसदी तक की गिरावट आई, जबकि सोना भी लगभग 6 फीसदी टूट गया। इस गिरावट के चलते चांदी करीब 29,000 रुपये प्रति किलो और सोना 9,000 रुपये से अधिक सस्ता हो गया।
शुक्रवार को कीमतों में सुधार
हालांकि शुक्रवार को बाजार में कुछ स्थिरता लौटी और दोनों धातुओं के दाम में हल्की बढ़त देखी गई। शाम 4:25 बजे के आसपास MCX पर अप्रैल वायदा में 10 ग्राम सोने की कीमत करीब 1,536 रुपये बढ़कर 1.46 लाख रुपये तक पहुंच गई। वहीं चांदी का भाव 427 रुपये की तेजी के साथ 2,31,887 रुपये प्रति किलो पर दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बढ़त सीमित है और गुरुवार की गिरावट की तुलना में काफी कम है।
रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे पहुंचे दाम
जनवरी में सोना और चांदी दोनों ने रिकॉर्ड ऊंचाई हासिल की थी। उस समय सोना 1.93 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 4.20 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी। लेकिन उसके बाद से बाजार में लगातार गिरावट का रुख बना हुआ है। मौजूदा स्तर पर सोना करीब 47,000 रुपये और चांदी लगभग 1.89 लाख रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो चुकी है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
वैश्विक स्तर पर भी कीमती धातुओं में कमजोरी बनी हुई है। पिछले एक महीने में सोने की कीमतों में लगभग 10 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है और यह करीब 4,646 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं चांदी की कीमत करीब 72 डॉलर प्रति औंस बनी हुई है। डॉलर की मजबूती का सीधा असर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ा है, जिससे इन धातुओं में दबाव बना हुआ है।
गिरावट के पीछे ये हैं बड़े कारण
विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका सहित कई प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती नहीं करने का फैसला सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट की बड़ी वजह है। इससे डॉलर मजबूत हुआ है, जो आमतौर पर कीमती धातुओं के लिए नकारात्मक संकेत होता है।
इसके अलावा वैश्विक तनाव और युद्ध जैसे हालात में निवेशकों का रुझान सुरक्षित माने जाने वाले डॉलर और ऊर्जा सेक्टर की ओर बढ़ा है। यही कारण है कि सोना-चांदी जैसे पारंपरिक निवेश विकल्पों में कमजोरी देखने को मिल रही है।
