BJP vs Congress: LPG Crisis पर राज्यसभा में भिड़े खरगे और नड्डा, 5000 रुपये के सिलेंडर और ''शून्यकाल'' के नियमों पर हुई बहस
punjabkesari.in Monday, Mar 16, 2026 - 01:41 PM (IST)
BJP vs Congress: सोमवार को राज्यसभा में रसोई गैस (LPG) की किल्लत और इसके चलते देशभर में मचे हाहाकार का मुद्दा गरमाया रहा। विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन में Zero Hour के दौरान देश में व्याप्त गैस संकट पर गहरी चिंता जताई, जिस पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
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मैं इस सदन का ध्यान West Asia में जारी conflict के कारण देश में LPG संकट की ओर दिलाना चाहता हूँ। LPG संकट से पूरे देश में इससे हाहाकार मचा हुआ है। इसका असर गरीब और कमजोर तबकों, middle-class, आम घरों, restaurants, hostels तथा commercial users पर बहुत बुरा पड़ रहा है।
— Mallikarjun Kharge (@kharge) March 16, 2026
भारत अपनी… pic.twitter.com/NGHeouwFan
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खरगे बोले- 5000 रुपए में मिल रहा है सिलेंडर
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने देश की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। उन्होंने कहा कि गरीब, मध्यम वर्ग, हॉस्टल और छोटे दुकानदार इस किल्लत से बुरी तरह प्रभावित हैं। सामुदायिक रसोई और चैरिटेबल सेंटर तक बंद होने की कगार पर हैं। इसी के साथ उन्होंने याद दिलाया कि भारत अपनी जरूरत का 60% एलपीजी आयात करता है, जिसका 90% हिस्सा रणनीतिक रूप से संवेदनशील 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से होकर आता है। कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि कुछ जगहों पर व्यावसायिक गैस सिलेंडर 5,000 रुपये से अधिक की कीमत पर बिक रहे हैं। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि पहले से वैकल्पिक इंतजाम क्यों नहीं किए गए?

पलटवार करते हुए जेपी नड्डा बोले
सदन में खड़गे के आरोपों का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए है और विपक्ष को इस संवेदनशील मुद्दे पर देश को गुमराह नहीं करना चाहिए। नड्डा ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस के एक नेता को खुद सिलेंडर की जमाखोरी करते हुए पकड़ा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुश्किल समय में भी राजनीति करने से बाज नहीं आ रही है। नड्डा ने खड़गे को टोकते हुए कहा कि शून्यकाल में बोलने की समय सीमा 3 मिनट है, जिसका पालन विपक्ष के नेता को भी करना चाहिए।
देश में गैस की यह कमी मुख्य रूप से ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' मार्ग बाधित होने से हुई है। जहां सरकार का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है और वैकल्पिक देशों (रूस, अमेरिका, कनाडा) से आयात की कोशिशें जारी हैं, वहीं विपक्ष इसे सरकार की अदूरदर्शिता बता रहा है।
