45 साल बाद जिंदा हुई पुरानी परंपरा:भारत ने UN को भेंट किया खास तोहफा, संयुक्त राष्ट्र परिसर में दिखेगा अद्वितीय नजारा(Video)
punjabkesari.in Monday, Aug 10, 2026 - 02:41 PM (IST)
Geneva: भारत ने स्विट्जरलैंड के जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय को ऐसा खास तोहफा दिया है, जिसने पुरानी यादें ताजा कर दी हैं। भारत ने यूएन जिनेवा को पांच भारतीय मोर भेंट किए हैं। इनमें चार नीले मोर और एक दुर्लभ सफेद पंखों वाला नर मोर शामिल है। इस तोहफे के साथ भारत ने करीब 45 साल पुरानी एक परंपरा को फिर से शुरू किया है। शुक्रवार को आयोजित एक विशेष समारोह में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि अरिंदम बागची ने पांचों मोरों को यूएनओजी की महानिदेशक टाटियाना वालोवाया को औपचारिक रूप से सौंपा। इन पांच युवा मोरों में चार सामान्य नीले भारतीय मोर हैं, जबकि एक नर मोर के पंख सफेद हैं। भारतीय दूतावास के मुताबिक, मोरों के नीले और सफेद रंग संयुक्त राष्ट्र के रंगों से भी मेल खाते हैं।
𝐈𝐧𝐝𝐢𝐚'𝐬 𝐏𝐞𝐚𝐜𝐨𝐜𝐤 𝐝𝐢𝐩𝐥𝐨𝐦𝐚𝐜𝐲 𝐚𝐭 𝐔𝐍
— All India Radio News (@airnewsalerts) August 8, 2026
India has presented 5 young peacocks, four blue and one rare white (UN colors), to the UN Office at Geneva.
Handed over by Indian envoy to Geneva, @abagchimea to Director-General of UN Geneva, Tatiana Valovaya.… pic.twitter.com/pioSSl94Vg
भारत और संयुक्त राष्ट्र जिनेवा के बीच मोरों का यह रिश्ता नया नहीं है।इससे पहले 1981 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने दिल्ली चिड़ियाघर से मोरों का एक प्रजनन जोड़ा जिनेवा भेजा था। अब दशकों बाद भारत ने दोबारा संयुक्त राष्ट्र कार्यालय को मोर भेंट किए हैं। इस लिहाज से यह पहल सिर्फ एक उपहार नहीं, बल्कि भारत और संयुक्त राष्ट्र के बीच पुरानी परंपरा को फिर से जीवित करने का प्रतीक भी है। भारतीय दूतावास ने कहा कि भारतीय मोर सुंदरता, गरिमा और मजबूती का प्रतीक है। मोर भारत की समृद्ध जैव विविधता और प्राकृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भारत ने इस पहल को जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता से भी जोड़ा है।
जिनेवा पहुंचने के बाद इन मोरों को तुरंत खुले इलाके में नहीं छोड़ा जाएगा। शुरुआत में करीब तीन महीने तक उन्हें एक सुरक्षित परिसर में रखा जाएगा, ताकि वे नए वातावरण के अनुकूल हो सकें। इसके बाद उन्हें जिनेवा के एरियाना पार्क में खुले तौर पर घूमने की अनुमति दी जाएगी। एरियाना पार्क करीब 46 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है और जिनेवा के प्रमुख उद्यानों में शामिल है। जिनेवा बायोपार्क चिड़ियाघर के निदेशक टोबियास ब्लाहा ने मोरों के लिए इस जगह को उपयुक्त बताया।अब आने वाले समय में इस पार्क में घूमने वाले लोगों को भारतीय मोरों को करीब से देखने का मौका मिल सकता है। भारत का कहना है कि ये मोर संयुक्त राष्ट्र परिसर की जैव विविधता को बढ़ाने के साथ-साथ भारत की प्राकृतिक विरासत और सांस्कृतिक मूल्यों को भी प्रदर्शित करेंगे।
