Farmers protest: अखिर क्यों हो रहा किसान आंदोलन ? केंद्र सरकार के समक्ष रखी ये 10 डिमांड्स

punjabkesari.in Tuesday, Feb 13, 2024 - 05:13 PM (IST)

नेशनल डेस्क: किसानों द्वारा एक बार फिर दिल्ली को घेरने के लिए तैयारी कर ली है। पंजाब-हरियाणा के अलावा कई और राज्यों के किसान भी दिल्ली के लिए कूच कर चुके हैं। हालांकि, किसानों ने इसे 'चलो दिल्ली मार्च' का नाम दिया है, लेकिन इसे किसान आंदोलन 2.0 भी कहा जा रहा है। दरअसल, इस किसान आंदोलन का पैटर्न 2020-2021 में हुए किसान आंदोलन से भी काफी मिलता जुलता है।पिछली बार की तरह ही अलग-अलग राज्यों से किसान इस आंदोलन में शामिल होने के लिए आ रहे हैं। 

इस बार किसान अपने साथ ट्रैक्टर-ट्राली भर राशन भी अपने साथ ला रहे हैं। माना जा रहा है कि इस बार किसानों का प्लान लंबे समय तक दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डर पर धरना देने का है। हालांकि, पिछली बार क मुकाबले इस बार सभी किसान संगठनों का समर्थन प्राप्त नहीं हुआ है। इस बार के आंदोलन के अलग-अलग किसान संगठन मिलकर आयोजित कर रहे हैं। किसानों की मांगों को लेकर सरकार के साथ कई बैठकें भी हो चुकी हैं, लेकिन अभी भी फाइनल सहमति नहीं बन पा रही है। आइए आपको बताते हैं कि किसान किन मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

PunjabKesariइन मांगों को लेकर किसान कर रहे आंदोलन 

1. किसानों की सबसे खास मांग Minimum Support Price (MSP) के लिए कानून बनना है
2. किसान स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग भी कर रहे हैं
3. आंदोलन में शामिल किसान कृषि ऋण माफ करने की मांग कर रहे हैं
4. किसान लखीमपुर खीरी हिंसा के पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं
5. भारत को WTO से बाहर निकाला जाए
6. कृषि वस्तुओं, दूध उत्पादों, फलों, सब्जियों और मांस पर आयात शुल्क कम करने के लिए भत्ता बढ़ाया जाए
7. किसानों और 58 साल से अधिक आयु के कृषि मजदूरों के लिए पेंशन योजना लागू करके 10 हजार रुपए प्रति माह पेंशन दी जाए
8. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सुधार के लिए सरकार की ओर से स्वयं बीमा प्रीमियम का भुगतान करना, सभी फसलों को योजना का हिस्सा बनाना और नुकसान का आकलन करते समय खेत एकड़ को एक इकाई के रूप में मानकर नुकसान का आकलन करना 
9. भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 2013 को उसी तरीके से लागू किया जाना चाहिए और भूमि अधिग्रहण के संबंध में केंद्र सरकार की ओर से राज्यों को दिए गए निर्देशों को रद्द किया जाना चाहिए 
10. कीटनाशक, बीज और उर्वरक अधिनियम में संशोधन करके कपास सहित सभी फसलों के बीजों की गुणवत्ता में सुधार किया जाए

PunjabKesariदिल्ली से सटे इन बॉर्डर पर मुस्तैदी
किसानों द्वारा दिल्ली में बढ़ रहे घेराव को रोकने के लिए हरियाणा और पंजाब से लगने वाले सिंघु बॉर्डर पर कटीले तार लगा दिए गए हैं। सड़कों पर सीमेंट के बने बैरिकेड भी लगा दिए गए हैं। दिल्ली में गाजीपुर टिकरी और सिंधु बॉर्डर पर भी दिल्ली पुलिस इतिहास के तौर पर तैयारी कर रही है, ताकि किसानों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोका जा सके। गाजीपुर बॉर्डर पर भी पुलिस द्वारा गाड़ियां और बैरिकेड खड़े कर दिए गए हैं। CCTV और लाउडस्पीकर भी लगाए जा रहे हैं। पुलिस-प्रशासन को डर है कि कहीं पश्चिम उत्तर प्रदेश के दूसरे संगठन भी इसमें शामिल न हो जाएं। अगर ऐसा होता है तो संभव है कि दिल्ली-मेरठ राजमार्ग भी बाधित हो सकता है।

PunjabKesari16 फरवरी को भारत बंद का आह्वान
ऑल इंडिया किसान सभा ने भी किसानों के आंदोलन से फिलहाल दूरी बनाई हुई है, जबकि संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले 16 फरवरी को राष्ट्रव्यापी भारत बंद का आह्नान किया गया है, जिसमें तमाम किसान और मजदूर पूरे दिन हड़ताल और काम बंद करेंगे। दोपहर 12 बजे से लेकर के शाम 4 बजे तक देश के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों का घेराव किया जाएगा और हाईवे बंद किए जाएंगे। ऑल इंडिया किसान सभा का कहना है कि सरकार ने स्वामीनाथन को भारत रत्न दे दिया, लेकिन उनकी सिफारिश नहीं मानी गई हैं।


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Content Editor

Mahima

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