Sugarcane Farmers Dues: गन्ना किसानों को नहीं मिला पूरा पैसा, जानिए क्यों बढ़ रहा है बकाया
punjabkesari.in Sunday, Mar 29, 2026 - 10:54 AM (IST)
Sugarcane Farmers Dues: देशभर में गन्ना किसानों का बकाया तेजी से बढ़ा है। संसद की एक समिति की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल के मुकाबले इस साल किसानों का बकाया कई गुना बढ़ गया है, जिससे किसान संगठनों ने सरकार से तुरंत दखल देने की मांग की है।
गन्ना किसानों को नहीं मिला पूरा पैसा
संसद की स्टैंडिंग कमिटी (कंज्यूमर अफेयर्स, फूड और पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन) की रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में गन्ना किसानों का बकाया काफी बढ़ गया है। 16 फरवरी 2026 तक किसानों का कुल बकाया करीब ₹16,087 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल की तुलना में बहुत ज्यादा है। पिछले साल इसी समय यह बकाया ₹497 करोड़ था, जबकि 2023-24 में सिर्फ ₹34 करोड़ था। इसका मतलब है कि इस साल बकाया में बहुत बड़ी बढ़ोतरी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2025-26 में किसानों को कुल ₹79,818 करोड़ मिलना था, जिसमें से ₹63,731 करोड़ का भुगतान हो चुका है। अभी भी करीब ₹16,087 करोड़ बाकी है।
राज्यवार स्थिति:
- उत्तर प्रदेश में बकाया बढ़कर ₹3,287 करोड़ हो गया
- महाराष्ट्र में यह ₹4,252 करोड़ तक पहुंच गया
- कर्नाटक में सबसे ज्यादा बकाया बताया गया है
- गुजरात में ₹25 करोड़ से बढ़कर ₹1,402 करोड़
- तमिलनाडु: ₹203 करोड़
- बिहार: ₹212 करोड़
- हरियाणा: ₹373 करोड़
- पंजाब: ₹535 करोड़
इसके अलावा मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और तेलंगाना में भी किसानों का बकाया सैकड़ों करोड़ में है।
किसानों की परेशानी
किसानों का कहना है कि उन्हें दो बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा। बीमारियों के कारण फसल खराब हुई और उत्पादन कम हुआ। गन्ने का पूरा भुगतान समय पर नहीं मिला। किसान संगठनों ने आरोप लगाया कि असली बकाया सरकारी आंकड़ों से ज्यादा हो सकता है।
देरी की वजह क्या है?
रिपोर्ट के अनुसार, देश में हर साल चीनी का उत्पादन जरूरत से ज्यादा होता है। इससे मिलों के पास स्टॉक जमा हो जाता है और उनके पास पैसे की कमी हो जाती है। इसी कारण किसानों का भुगतान देर से होता है।
सरकार क्या कर रही है?
सरकार ने बताया कि इस समस्या को कम करने के लिए गन्ने से इथेनॉल बनाने को बढ़ावा दिया जा रहा है। चीनी का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹29 से बढ़ाकर ₹31 प्रति किलो किया गया है। मिलों पर स्टॉक लिमिट भी लगाई गई है
किसानों की मांग
किसान संगठनों ने सरकार से मांग की है कि अगला सीजन शुरू होने से पहले उनका पूरा बकाया दिलाया जाए, वरना उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो सकती है।
