Electricity Bill: हरियाणा के 81 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका- बिजली हुई महंगी
punjabkesari.in Wednesday, Apr 02, 2025 - 07:16 AM (IST)

नेशनल डेस्क: : हरियाणा में अब बिजली की दरों में 20 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि कर दी गई है। यह बढ़ोतरी खासतौर पर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए की गई है, जिनकी खपत श्रेणी-1 (0-50 और 51-100 यूनिट) और श्रेणी-2 (0-150 यूनिट) में आती है। हालांकि, राज्य सरकार ने नए टैरिफ ढांचे में कुछ राहत भी दी है, जिसके तहत 300 यूनिट तक मासिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं पर अब कोई निर्धारित शुल्क नहीं लगाया जाएगा। पहले इस श्रेणी में 115 से 125 रुपये तक शुल्क लिया जाता था।
नई टैरिफ व्यवस्था के तहत 300 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं से कोई निश्चित शुल्क नहीं लिया जाएगा, जो पहले 115 से 125 रुपये तक विभिन्न श्रेणियों में लिया जाता था। इसके अतिरिक्त, बल्क उपभोक्ताओं के लिए 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग का कहना है कि राज्य में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरें अभी भी पड़ोसी राज्यों के मुकाबले सबसे कम हैं।
घरेलू उपभोक्ताओं को लोड के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा गया है। कुल उपभोक्ताओं में लगभग 78 प्रतिशत लोग 2 किलोवाट तक लोड वाले हैं, 16 प्रतिशत 2 से 5 किलोवाट तक के हैं, और केवल 6 प्रतिशत उपभोक्ताओं का लोड 5 किलोवाट से अधिक है।
स्लैब में बदलाव करते हुए, 151-250 यूनिट खपत को बढ़ाकर 151 से 300 यूनिट किया गया है। वहीं, 251 से 500 यूनिट की सीमा को बदलकर 301 से 500 यूनिट कर दिया गया है, और 501 से 800 यूनिट वाले स्लैब को अब 500 यूनिट से ऊपर का एक स्लैब माना जाएगा। 500 यूनिट से अधिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं के लिए कोई अतिरिक्त मूल्य वृद्धि नहीं की गई है।
अब 100 यूनिट से अधिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं के लिए चार श्रेणियां बनाई गई हैं:
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0-150 यूनिट खपत वाले उपभोक्ताओं को अब 2.95 रुपये प्रति यूनिट की दर से भुगतान करना होगा, जबकि पहले यह 2.75 रुपये था।
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151-300 यूनिट खपत वाले उपभोक्ताओं के लिए दर पहले जैसी 5.25 रुपये प्रति यूनिट रहेगी।
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301-500 यूनिट खपत करने वालों को 6.30 रुपये की जगह अब 6.45 रुपये प्रति यूनिट चुकाना होगा।
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500 यूनिट से अधिक खपत करने वालों को 7.10 रुपये प्रति यूनिट की दर से ही बिल देना होगा।
किसानों को अतिरिक्त राहत देने के लिए, मीटर कनेक्शन वाली कृषि श्रेणी के लिए टैरिफ में कटौती की गई है। अब इस श्रेणी के लिए मासिक न्यूनतम शुल्क (एमएमसी) को घटाकर 180 और 144 रुपये प्रति बीएचपी प्रति वर्ष किया गया है।
उभरते कृषि क्षेत्रों जैसे मशरूम कंपोस्ट, हाईटेक हाइड्रोपोनिक्स, और कोल्ड स्टोरेज को प्रोत्साहित करने के लिए 20 किलोवाट से अधिक लोड वाली इकाइयों के लिए नया टैरिफ स्लैब तैयार किया गया है, जिसके तहत इन इकाइयों को 6.50 रुपये प्रति यूनिट का टैरिफ चुकाना होगा।
इसके अतिरिक्त, हरियाणा सरकार ने ईंधन समायोजन शुल्क (एफएसए) को 2026 तक बढ़ा दिया है, जिसके तहत उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट बिजली पर 47 पैसे अतिरिक्त देना पड़ेगा। बिजली कंपनियों ने 2025-26 के वित्तीय वर्ष में अनुमानित 4520.24 करोड़ रुपये के घाटे का हवाला देते हुए बिजली दरों में वृद्धि की मांग की थी।