खतरे की घंटी! रात में भीग रहा है पसीने से शरीर? इसे मामूली गर्मी समझकर न करें इग्नोर, हो सकता है इन बीमारियों का संकेत
punjabkesari.in Thursday, Feb 26, 2026 - 08:51 AM (IST)
Sweating At Night Reason : अक्सर लोग सुबह सोकर उठते हैं तो महसूस करते हैं कि उनके कपड़े और बिस्तर पसीने से पूरी तरह गीले हैं। ज्यादातर लोग इसे कमरे की गर्मी या भारी कंबल का नतीजा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन मेडिकल साइंस की भाषा में इसे 'नाइट स्वेट्स' (Night Sweats) कहा जाता है जो शरीर के भीतर पनप रही किसी गंभीर बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकता है।
क्यों आती है पसीने वाली नींद? (प्रमुख कारण)
अगर ठंडे माहौल में भी आपको पसीना आ रहा है तो आपका शरीर इन समस्याओं से जूझ रहा हो सकता है:
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हाइपरथायरायडिज्म (Thyroid): जब थायरॉइड ग्रंथि जरूरत से ज्यादा हार्मोन बनाने लगती है, तो शरीर का मेटाबॉलिज्म बढ़ जाता है। इससे शरीर में गर्मी पैदा होती है और रात को भारी पसीना आता है।
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हाइपोग्लाइसीमिया (Low Sugar): डायबिटीज के मरीजों में अगर रात के समय ब्लड शुगर लेवल अचानक गिर जाए, तो पसीना आना सबसे आम लक्षण है। इसे 'हाइपोग्लाइसीमिया' कहते हैं।
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तनाव और एंग्जायटी (Stress): मानसिक दबाव या घबराहट के कारण सोते समय दिल की धड़कन तेज हो जाती है, जो पसीने के रूप में बाहर निकलती है।
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हार्मोनल बदलाव: महिलाओं में मेनोपॉज (रजोनिवृत्ति) के दौरान शरीर में होने वाले हार्मोनल उतार-चढ़ाव की वजह से भी रात में अचानक गर्मी महसूस होती है।
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इन्फेक्शन: कई बार शरीर के अंदर चल रहा कोई गुप्त संक्रमण (जैसे टीबी) भी रात में पसीना आने की एक बड़ी वजह होता है।
खतरे की घंटी: कब हो जाएं सतर्क?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यदि पसीने के साथ आपको निम्नलिखित लक्षण महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:
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अचानक वजन कम होना।
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दिनभर बहुत ज्यादा थकान और कमजोरी महसूस करना।
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पसीने के साथ बुखार का आना।
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सोते समय दिल की धड़कन का बहुत तेज हो जाना।
कैसे पाएं इस समस्या से राहत? (बचाव के तरीके)
नाइट स्वेट्स से बचने और सुकून भरी नींद के लिए आप ये बदलाव कर सकते हैं:
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कमरे का वातावरण: सोने के कमरे को ठंडा और हवादार रखें। सिंथेटिक कपड़ों के बजाय हल्के और सूती (Cotton) कपड़े पहनें।
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खान-पान: रात को सोने से पहले बहुत ज्यादा मसालेदार भोजन, कैफीन (चाय-कॉफी) या भारी खाने से बचें।
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मानसिक शांति: सोने से पहले 10 मिनट मेडिटेशन या गहरी सांस लेने वाली एक्सरसाइज (Deep Breathing) करें ताकि तनाव कम हो।
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नियमित चेकअप: यदि आप शुगर या थायरॉइड के मरीज हैं, तो अपनी दवाओं का सही समय पर सेवन करें और डॉक्टर की सलाह पर टेस्ट करवाते रहें।
