प्यास से ज्यादा पानी पीना बन सकता है आपके शरीर के लिए ''धीमा जहर'', फायदे की जगह हो सकते हैं ये 5 बड़े नुकसान
punjabkesari.in Thursday, Apr 02, 2026 - 11:41 AM (IST)
नेशनल डेस्क: आपने अक्सर ऐसा सुना होगा कि अच्छी सेहत के लिए दिन में खूब सारा पानी पीना चाहिए। इससे शरीर में से फालतू टॉक्सिन बाहर निकलते हैं और आपको हेल्दी स्किन मिलती है। ज्यादा पानी पीने से त्वचा में चमक आती है। इसी के साथ आपने यह भी सुना होगा कि किसी भी चीज की अति भी हानिकारक होती है। क्या आप जानते हैं कि आवश्यकता से ज्यादा पानी पीना आपकी सेहत को फायदे के बजाय गंभीर नुकसान पहुँच सकता है। जब हम क्षमता से अधिक पानी पीते हैं, तो शरीर का इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे खून में सोडियम का स्तर गिर सकता है। इस स्थिति को चिकित्सा विज्ञान में Hyponatremia कहा जाता है।
एक दिन में कितना पानी है पर्याप्त?
पानी की सही मात्रा हर व्यक्ति के शरीर, उम्र, वजन और उसकी शारीरिक सक्रियता पर निर्भर करती है। आमतौर पर 8 गिलास पानी की सलाह दी जाती है, लेकिन यह कोई फिक्स नियम नहीं है। शोध बताते हैं कि पुरुषों को दिनभर में लगभग 3.7 लीटर और महिलाओं को 2.7 लीटर तरल पदार्थ (जिसमें भोजन और अन्य पेय शामिल हैं) की आवश्यकता होती है। अगर आपके भोजन में फल, सब्जियां और अन्य तरल पदार्थ अधिक हैं, तो आपको अलग से कम पानी पीने की जरूरत पड़ सकती है।

जब पानी 'जहर' बनने लगे तो पहचानें ये 4 संकेत
यदि आप जरूरत से ज्यादा पानी पी रहे हैं, तो आपका शरीर इन लक्षणों के जरिए आपको आगाह करता है:
- लगातार सिरदर्द और भारीपन: शरीर में सोडियम की कमी होने पर मस्तिष्क की कोशिकाओं में हल्की सूजन आ सकती है, जिससे सिर में भारीपन, चक्कर आना या लगातार सिरदर्द बना रह सकता है।
- जी मिचलाना या उल्टी: पेट में अत्यधिक तरल होने से पाचन तंत्र पर दबाव पड़ता है। इससे आपको मतली (Nausea) या बार-बार उल्टी जैसा महसूस हो सकता है।
- हाथ-पैरों में सूजन: जब गुर्दे (Kidneys) अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने में असमर्थ होते हैं, तो शरीर के अंगों जैसे हाथ, पैर या होंठों में सूजन दिखने लगती है। यह बिगड़ते इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस का लक्षण है।
- पेशाब का रंग और बार-बार जाना: अगर आप दिन में 8-10 बार से ज्यादा शौचालय जा रहे हैं और आपके पेशाब का रंग बिल्कुल पानी की तरह सफेद (रंगहीन) है, तो यह साफ संकेत है कि आप ओवरहाइड्रेटेड हैं। सामान्यतः पेशाब का रंग हल्का पीला होना स्वस्थ माना जाता है।
