DU में प्रोटेस्ट बैन पर हाई कोर्ट सख्त! कहा – शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक कैसे?
punjabkesari.in Thursday, Mar 12, 2026 - 07:18 PM (IST)
नेशनल डेस्क: Delhi High Court ने दिल्ली यूनिवर्सिटी परिसर में विरोध प्रदर्शन और रैलियों पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। अदालत ने स्पष्ट कहा कि किसी भी संस्थान द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाना उचित नहीं माना जा सकता।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने Delhi University और Delhi Police को निर्देश दिया कि वे इस आदेश को लेकर एक सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करें।
कोर्ट ने उठाए कई अहम सवाल
यह मामला 17 फरवरी 2026 को विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर कार्यालय द्वारा जारी उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें कैंपस के अंदर प्रदर्शन, जुलूस, धरना, सार्वजनिक बैठक और किसी भी प्रकार के आंदोलन पर रोक लगा दी गई थी।
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की पीठ ने कहा कि इस तरह का “ब्लैंकेट बैन” कई संवैधानिक सवाल खड़े करता है। कोर्ट ने सवाल उठाया कि अगर कोई प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण हो, तो क्या उसे भी प्रतिबंध के दायरे में रखा जाएगा।
याचिका में क्या कहा गया
यह याचिका दिल्ली यूनिवर्सिटी के लॉ फैकल्टी के छात्र उदय भदौरिया ने दाखिल की है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि विश्वविद्यालय का यह आदेश भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 19 (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) का उल्लंघन करता है।
कोर्ट ने सेक्शन 144 को लेकर भी जताई चिंता
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी कहा कि यदि किसी स्थान पर कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती है, तो पुलिस के पास CrPC Section 144 के तहत कार्रवाई करने का अधिकार है। हालांकि, अदालत ने यह भी संकेत दिया कि किसी संभावित स्थिति के आधार पर पहले से ही पूरी तरह प्रतिबंध लगाना उचित नहीं माना जा सकता।
छात्रों के अधिकार और जिम्मेदारी दोनों जरूरी
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि छात्रों को मिले संवैधानिक अधिकारों का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। अदालत ने कहा कि वह इस मामले में मुख्य रूप से छात्रों के अभिव्यक्ति के अधिकार को ध्यान में रखते हुए हस्तक्षेप कर रही है।
कब होगी अगली सुनवाई
अदालत ने इस मामले में दिल्ली यूनिवर्सिटी और दिल्ली पुलिस को एक सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया है। फिलहाल प्रतिबंध पर तत्काल रोक लगाने से इनकार किया है। मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च 2026 को तय की है।
विवाद की पृष्ठभूमि
हाल ही में विश्वविद्यालय में University Grants Commission (UGC) की नई इक्विटी गाइडलाइंस को लेकर छात्रों के विरोध प्रदर्शन हुए थे। इन प्रदर्शनों के दौरान कुछ जगहों पर झड़पें भी सामने आई थीं। इसी के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कैंपस में विरोध प्रदर्शन और रैलियों पर रोक लगाने का फैसला लिया था, जिसे लेकर अब अदालत में चुनौती दी गई है।
