किसानों के साथ पूरी प्रतिबद्धता से खड़ी है दिल्ली सरकार: रेखा गुप्ता
punjabkesari.in Wednesday, Apr 29, 2026 - 03:23 PM (IST)
नेशनल डेस्क: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। श्रीमती गुप्ता ने आज कहा कि इस वर्ष प्रतिकूल मौसम के कारण गेहूं की फसल की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। ऐसे में किसानों की परेशानी कम करने और उन्हें मजबूरी में कम कीमत पर अपनी उपज बेचने से बचाने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने ठोस पहल की है। उन्होंने बताया कि 21 अप्रैल से रबी मार्केटिंग सीजन (RMS) 2026-27 के लिए पूरी दिल्ली के सभी जिलों में गेहूं खरीद के गुणवत्ता मानकों में विशेष छूट को मंजूरी दी गई है, जो इस सीजन की शुरुआत से ही लागू होगी।

उन्होंने कहा कि संशोधित व्यवस्था के तहत अब गेहूं में चमक की कमी (लस्टर लॉस) को 70 प्रतिशत तक स्वीकार किया जाएगा। इसके साथ ही सिकुड़े और टूटे दानों की सीमा को पहले के 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत तक कर दिया गया है ताकि मौसम से प्रभावित फसल भी खरीद के दायरे में आ सके, हालांकि गुणवत्ता का संतुलन बनाए रखने के लिए यह स्पष्ट किया गया है कि टूटे और हल्के टूटे दाने मिलाकर 6 प्रतिशत से अधिक नहीं होने चाहिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छूट के तहत खरीदा गया गेहूं अलग तरीके से संभाला जाएगा।
इस गेहूं को सामान्य स्टॉक से अलग रखकर उसका अलग भंडारण किया जाएगा और उसका पूरा हिसाब-किताब अलग से रखा जाएगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने बताया कि इस तरह के गेहूं को प्राथमिकता के आधार पर सबसे पहले इस्तेमाल किया जाएगा, यानी इसे देर तक स्टोर नहीं रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार खरीदे गए गेहूं का उपयोग केवल दिल्ली के भीतर ही किया जाएगा, जिससे स्थानीय खाद्य आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर भंडारण के दौरान इस गेहूं की गुणवत्ता में कोई गिरावट आती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी दिल्ली सरकार की होगी। मुख्यमंत्री का कहना है कि दिल्ली सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह निर्णय किसानों को राहत देने, उनकी मेहनत का उचित मूल्य सुनिश्चित करने और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस निर्णय से उत्पन्न होने वाले किसी भी प्रकार के वित्तीय या संचालन संबंधी प्रभाव की पूरी जिम्मेदारी दिल्ली सरकार स्वयं वहन करेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, जिम्मेदार और समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए ताकि इसका लाभ सीधे किसानों और उपभोक्ताओं तक पहुंचे।
