गरुड़ पुराण के अनुसार- मौत से एक दिन पहले व्यक्ति का शरीर देता है ये 6 संकेत, शास्त्रों में बताया गया रहस्य
punjabkesari.in Saturday, Jan 17, 2026 - 09:16 AM (IST)
नेशनल डेस्क: मृत्यु जीवन का वह अटल सत्य है जिसे कोई नहीं बदल सकता, लेकिन हिंदू धर्म के प्रसिद्ध ग्रंथ 'गरुड़ पुराण' में कुछ ऐसे लक्षणों का वर्णन किया गया है जो इंसान को अंत समय आने का आभास कराते हैं। शास्त्रों के अनुसार, जब किसी व्यक्ति का समय निकट आता है, तो उसका शरीर और मन कुछ खास संकेत देने लगता है। ये संकेत अंतिम 24 घंटों में अधिक स्पष्ट हो जाते हैं, जिन्हें पहचान कर मृत्यु की आहट को समझा जा सकता है।
1. त्वचा पर अचानक हल्के लाल रंग के निशान उभरने लगते
गरुड़ पुराण में बताए गए इन संकेतों में सबसे प्रमुख शरीर के रंग में बदलाव आना है। कहा जाता है कि मौत से ठीक पहले व्यक्ति की त्वचा पर अचानक हल्के लाल रंग के निशान उभरने लगते हैं या पूरा शरीर ही थोड़ा लालिमा लिए हुए दिखने लगता है।
2. अपनी ही परछाई दिखाई देना बंद हो जाती
इसके साथ ही एक बहुत ही अजीब बदलाव यह आता है कि व्यक्ति को अपनी ही परछाई दिखाई देना बंद हो जाती है। धार्मिक मान्यता है कि यह इस बात का इशारा होता है कि यमराज के दूत उस व्यक्ति के पास पहुँच चुके हैं।
3. आंखों की रोशनी में भी फर्क पड़ने लगता
आंखों की रोशनी और देखने के नजरिए में भी फर्क पड़ने लगता है। गरुड़ पुराण के मुताबिक, मृत्यु के करीब पहुंच चुके व्यक्ति को रात के समय आसमान में चांद और तारे साफ नजर नहीं आते, उसे सब कुछ धुंधला या काला दिखाई देने लगता है।
4. यमदूतों की मौजूदगी का अहसास होने लगता
इसके अलावा, व्यक्ति को मानसिक रूप से बेचैनी महसूस होने लगती है और उसे अपने आस-पास यमदूतों की मौजूदगी का अहसास होने लगता है, जिससे वह घबरा जाता है।
5. पूर्वजों का दिखाई देना
एक और महत्वपूर्ण संकेत है 'पितरों' यानी पूर्वजों का दिखाई देना। माना जाता है कि अंतिम समय में व्यक्ति को अपने वे परिजन दिखने लगते हैं जो पहले ही दुनिया छोड़ चुके हैं। उसे ऐसा महसूस होता है जैसे उसके पूर्वज उसे अपने साथ दूसरी दुनिया में ले जाने के लिए बुला रहे हैं। अंत में, व्यक्ति के मन में अपने पूरे जीवन की फिल्म चलने लगती है।
6. गलतियों का पछतावा होने लगता
उसे अपने द्वारा किए गए बुरे कामों और गलतियों का पछतावा होने लगता है और वह अंदर ही अंदर अपनी भूलों का अहसास करने लगता है। ये सभी लक्षण बताते हैं कि आत्मा अब इस शरीर को छोड़कर नई यात्रा पर निकलने वाली है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी पूरी तरह से धार्मिक मान्यताओं और प्राचीन शास्त्रों पर आधारित है, जिसे केवल सूचना के उद्देश्य से यहां साझा किया गया है। हम व्यक्तिगत रूप से इन दावों की वैज्ञानिक सत्यता या प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करते हैं। जीवन और मृत्यु से जुड़े ये विचार पूरी तरह से गरुड़ पुराण में वर्णित कथाओं और लोक मान्यताओं का हिस्सा हैं।
