बाहर से ज्यादा घर के अंदर की हवा है हानिकारक, हो सकती हैं बड़ी बिमारियां

2021-09-15T14:44:03.037

नई दिल्ली-  कोरोना काल में लगाए गए लाॅकडाउन के चलते पूरे देश का वातावरण बिल्कुल साफ हो गया था लेकिन अब दोबारा से सड़कों पर ट्रैफिक बढ़ने से प्रदुषण का लेवल एक बार फिर से बढ़ रहा है। पाॅलुयशन बढ़ने से कार्बन उत्सर्जन भी भड़ने लगा है। ऐसे में हम आपको बता दें कि बाहर से ज्यादा हमारे घरों की अंदर हवा ज्यादा हानिकारक होती हैं। 

दरअसल, WHO  विश्व स्वास्थ्य संगठन  के मुताबिक इनडोर वायु प्रदूषण सालाना 4 मिलियन समय से पहले होने वाली मौतों के लिए जिम्मेदार हो सकता है, इसके दूरगामी स्वास्थ्य, आर्थिक और सामाजिक परिणाम हो सकते हैं।

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वैज्ञानिक प्रमाणों के अनुसार,  हमारे घरों और अन्य इमारतों के भीतर की हवा बाहरी हवा की तुलना में अधिक प्रदूषित हो सकती है। अमेरिका में पर्यावरण संरक्षण एजेंसी की रिपोर्ट है कि बाहर के मुकाबले इनडोर प्रदूषण का स्तर दो से पांच गुना – और कभी-कभी 100 गुना से अधिक हो सकता है, इसका कारण यह है कि अधिकांश लोग अपना लगभग 90% समय घर के अंदर बिताते हैं।

इस तरह घर के अंदर फैलता है प्रदूषण
घर की कीचन से उठने वाला धुंआ काफी हानिकारक होता है। इसके अलावा घर की खराब वेंटिलेशन और रखरखाव के साथ गैस स्टोव या खराब तरीके से स्थापित लकड़ी जलाने वाली इकाइयां भी कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और हानिकारक कणों के इनडोर स्तर को बढ़ा सकती हैं।

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सेहत को ऐसे खराब करती हैं घर की हवा-
घर के अंदर का वायु प्रदूषण के संपर्क में आने से सर्दी और सांस की समस्या के समान लक्षण वाली समस्याएं हो सकती हैं,WHO की रिपोर्ट के अनुसार, अल्पकालिक जोखिम के लक्षणों में नाक, गले और आंखों में जलन, बार-बार सिरदर्द, थकान या चक्कर आने लगते हैं इसके अलावा सांस की बीमारी, फेफड़ों का कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियां भी हो सकती हैं। 


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Content Writer

Anu Malhotra

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