DA Hike: सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, इस दिन होगा DA बढ़ोतरी का ऐलान! एरियर देने की भी तैयारी
punjabkesari.in Tuesday, Mar 10, 2026 - 06:59 PM (IST)
DA Hike : देश के एक करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए मार्च का महीना बड़ी खुशखबरी लेकर आ सकता है। 7वें वेतन आयोग की अवधि समाप्त होने और 8वें वेतन आयोग के ऐतिहासिक आगाज़ के बीच, केंद्र सरकार जनवरी 2026 से प्रभावी होने वाले महंगाई भत्ते (DA) की घोषणा करने की तैयारी में है। हालांकि इस बार की बढ़ोतरी पिछले रुझानों की तुलना में कुछ कम रहने का अनुमान है, लेकिन वेतन आयोग के बदलावों के बीच यह घोषणा लाखों परिवारों की वित्तीय स्थिति के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
क्या कहता है नया फॉर्मूला?
महंगाई भत्ते का निर्धारण श्रम मंत्रालय द्वारा जारी किए जाने वाले 'ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स' (AICPI-IW) के आधार पर होता है। दिसंबर 2025 तक के 12 महीनों का औसत सूचकांक 419.17 अंक पर रहा है। वहीं 7वें वेतन आयोग के मौजूदा फॉर्मूले के तहत DA का प्रतिशत 60.34% निकलकर आता है। चूंकि सरकार दशमलव (decimal) को छोड़कर पूर्णांक में भुगतान करती है, इसलिए जनवरी 2026 से भत्ते का 60% होना लगभग तय माना जा रहा है। वर्तमान में यह 58% है।
8वें वेतन आयोग की सुगबुगाहट
31 दिसंबर 2025 को 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल पूरा हो चुका है। सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है, जिसे 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जा रहा है। वेतन आयोग को अपनी विस्तृत रिपोर्ट और नई सैलरी मैट्रिक्स तैयार करने के लिए लगभग 18 महीने का समय दिया गया है। जब तक आयोग की सिफारिशें लागू नहीं होतीं, तब तक कर्मचारियों को मौजूदा पे-स्केल के साथ संशोधित DA का लाभ मिलता रहेगा।
घोषणा और एरियर का गणित
केंद्र सरकार साल में दो बार (जनवरी और जुलाई) भत्ते में संशोधन करती है। आमतौर पर जनवरी की बढ़ोतरी का ऐलान मार्च की शुरुआत या अप्रैल के पहले सप्ताह में होता है। होली के आसपास होने वाली इस घोषणा के बाद कर्मचारियों को जनवरी और फरवरी का एरियर (बकाया) भी दिया जाता है। कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (DA) मिलता है, जबकि पेंशनर्स को उसी दर पर महंगाई राहत (DR) दी जाती है।
यदि सरकार इस बार केवल 2% की बढ़ोतरी करती है, तो यह पिछले कुछ वर्षों की सबसे कम वृद्धि में से एक होगी। अक्सर महंगाई के दबाव में यह आंकड़ा 3 से 4 प्रतिशत के बीच रहा है। कम बढ़ोतरी का सीधा अर्थ है कि मुद्रास्फीति के औसत सूचकांक में स्थिरता देखी गई है।
