8th Pay Commission: असम सरकार ने 8th Pay Commission को दी हरी झंडी, इतने समय में बढ़ सकती है कर्मचारियों की Salary और Allowances
punjabkesari.in Tuesday, Feb 24, 2026 - 02:37 PM (IST)
नेशनल डेस्क: असम की हिमंत बिस्वा सरमा सरकार ने राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों को बड़ी सौगात देते हुए '8वें असम वेतन आयोग, 2026' के गठन की घोषणा की है। मंगलवार को जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुभाष चंद्र दास को इस आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह आयोग राज्य कर्मचारियों के वेतन ढांचे, भत्तों और सेवा शर्तों की समीक्षा कर अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगा।
आयोग की संरचना और समय-सीमा
वित्त विभाग (पे रिसर्च यूनिट) द्वारा जारी आदेश के अनुसार आयोग का मुख्यालय गुवाहाटी में होगा। आयोग को अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है।
- अध्यक्ष: सुभाष चंद्र दास (रिटायर्ड IAS)
- सदस्य सचिव: सचिव, वित्त (PRU) विभाग
- अन्य सदस्य: कार्मिक, वित्त, न्यायिक और ARTPPG विभागों के वरिष्ठतम सचिवों के साथ-साथ गुवाहाटी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रातुल महंता को भी इसमें शामिल किया गया है।

इन क्षेत्रों पर रहेगा विशेष ध्यान
सरकार ने स्पष्ट किया है कि वेतन पुनरीक्षण केवल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं होगा, बल्कि इसे Fiscal Sustainability और प्रशासनिक दक्षता से जोड़ा जाएगा। आयोग निम्नलिखित पहलुओं पर विचार करेगा:
- प्रदर्शन आधारित वेतन: वेतन वृद्धि को कार्यक्षमता और परिणाम-आधारित शासन (Outcome-based governance) से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।
- डिजिटल तकनीक: सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार के लिए मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (HRMS) का वित्तीय प्रणालियों के साथ एकीकरण।
- आर्थिक संतुलन: असम राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम, 2005 के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए सिफारिशें तैयार की जाएंगी।
किन पर लागू नहीं होगा नया वेतनमान?
आदेश के अनुसार यह आयोग कुछ विशिष्ट श्रेणियों को छोड़कर सभी राज्य कर्मचारियों की सेवा शर्तों की समीक्षा करेगा। आयोग के दायरे से बाहर रहने वाले पद हैं:
- अखिल भारतीय सेवाओं (IAS/IPS/IFS) के अधिकारी।
- यूजीसी/एआईसीटीई स्केल प्राप्त करने वाले डिग्री, इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य तकनीकी कॉलेजों के शिक्षक।
- शेट्टी कमीशन/SNJPC के तहत वेतन पाने वाले न्यायिक सेवा के अधिकारी।
2016 के बाद पहला बड़ा बदलाव
असम में पिछला वेतन पुनरीक्षण 1 अप्रैल, 2016 को 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर किया गया था। अब 10 साल बाद सरकार ने बदलती आर्थिक परिस्थितियों और 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की भविष्य की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है।
