How Control Blood Sugar: बिना दवा सिर्फ 1 मिनट में घट सकता है ब्लड शुगर, जानिए क्या है ये तरीका
punjabkesari.in Tuesday, Jan 27, 2026 - 09:15 AM (IST)
नेशनल डेस्क: वैज्ञानिकों ने ब्लड शुगर को कंट्रोल करने का एक बेहद आसान और कम समय में असर दिखाने वाला तरीका बताया है। इस आदत को अपनाने में न ज्यादा मेहनत लगती है और न ही अलग से समय निकालने की जरूरत होती है।
डायबिटीज कंट्रोल करना अब पहले से आसान
अक्सर डॉक्टर सलाह देते हैं कि खाना खाने के बाद 10 से 15 मिनट टहलना चाहिए, ताकि शुगर लेवल अचानक न बढ़े। लेकिन भागदौड़ भरी जिंदगी में हर किसी के लिए रोज टहलना संभव नहीं हो पाता। ऑफिस की व्यस्तता, समय की कमी और आलस भी बड़ी वजह बन जाते हैं। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिकों ने एक ऐसी छोटी लेकिन असरदार एक्टिविटी पर रिसर्च की है, जिसे करने में सिर्फ 1 मिनट लगता है। यह तरीका खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो रोजाना एक्सरसाइज नहीं कर पाते।
टहलने का समय नहीं? तो अपनाएं यह आसान उपाय
वैज्ञानिकों के मुताबिक, खाना खाने के बाद थोड़ी देर सीढ़ियां चढ़ना ब्लड शुगर को तेजी से कम करने में मदद करता है। एक रिसर्च में यह देखा गया कि जब लोगों ने भोजन के बाद 1 मिनट, 3 मिनट और 10 मिनट तक सीढ़ियां चढ़ने-उतरने की एक्टिविटी की, तो उनके शुगर लेवल में साफ फर्क नजर आया। इस तरीके की सबसे खास बात यह है कि इसके लिए न जिम जाने की जरूरत है और न किसी खास तैयारी की। घर, ऑफिस या अपार्टमेंट की सीढ़ियां ही काफी हैं।
रिसर्च के नतीजे जानकर हैरान रह जाएंगे
रिपोर्ट्स के अनुसार,
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सिर्फ 1 मिनट तक सीढ़ियां चढ़ने से खाने के बाद बढ़ने वाली ब्लड शुगर में करीब 14 mg/dL की कमी देखी गई।
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3 मिनट तक यह एक्टिविटी करने पर ब्लड शुगर लगभग 18 mg/dL तक कम हुई और शरीर की इंसुलिन का इस्तेमाल करने की क्षमता बेहतर हुई।
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10 मिनट तक सीढ़ियां चढ़ना भी फायदेमंद रहा, लेकिन समय और लाभ को देखते हुए 3 मिनट का विकल्प सबसे बेहतर माना गया।
सीढ़ियां चढ़ने से ब्लड शुगर कैसे कम होती है?
हमारे पैरों की मांसपेशियां शरीर की सबसे बड़ी मांसपेशियों में से एक होती हैं। जब आप सीढ़ियां चढ़ते हैं, तो ये मांसपेशियां सक्रिय होकर खून में मौजूद ग्लूकोज को तेजी से इस्तेमाल करने लगती हैं। इस प्रक्रिया को वैज्ञानिक भाषा में कॉन्ट्रैक्शन के जरिए ग्लूकोज का इस्तेमाल कहा जाता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें इंसुलिन पर ज्यादा निर्भरता नहीं होती। यानी बिना भारी एक्सरसाइज किए भी ब्लड शुगर को कंट्रोल किया जा सकता है।
