केंद्र को भारत-पाकिस्तान मध्यस्थता के चीन के दावों का खंडन करना चाहिए: ओवैसी
punjabkesari.in Thursday, Jan 01, 2026 - 12:56 PM (IST)
नेशनल डेस्क: AIMIM के अध्यक्ष एवं लोकसभा सदस्य असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि भारत-पाकिस्तान मध्यस्थता को लेकर चीन का दावा देश का अपमान है और केंद्र सरकार को इसका कड़े शब्दों में खंडन करना चाहिए। ओवैसी ने कहा कि भारत के सम्मान या उसकी संप्रभुता की कीमत पर चीन के साथ संबंध सामान्य नहीं किए जा सकते।
<
After US President announced a ceasefire before us and claims to have used trade sanctions to secure peace, we now have the Chinese foreign minister making similar claims officially. This is an affront to India and must be strongly rebutted by the government. Normalcy in ties…
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) December 31, 2025
>
बुधवार देर रात सोशल मीडिया पर पोस्ट में ओवैसी ने कहा, ‘‘अमेरिकी राष्ट्रपति (डोनाल्ड ट्रंप) द्वारा हमारे सामने संघर्षविराम की घोषणा करने और शांति सुनिश्चित करने के लिए व्यापार प्रतिबंधों के इस्तेमाल का दावा करने के बाद अब चीन के विदेश मंत्री भी आधिकारिक तौर पर ऐसे ही दावे कर रहे हैं। यह भारत का अपमान है और सरकार को इसका कड़ा खंडन करना चाहिए।'' उन्होंने आरोप लगाया कि भारत और पाकिस्तान को एक ही स्तर पर रखने की चीन कोशिश कर रहा है और दक्षिण एशिया में खुद को श्रेष्ठ के रूप में पेश करना चाहता है।
ओवैसी ने सवाल किया, ‘‘क्या प्रधानमंत्री की चीन यात्रा के दौरान मोदी सरकार ने इसी बात पर सहमति जताई थी?'' हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने कहा कि चीन के विदेश मंत्री का मध्यस्थता का दावा चौंकाने वाला है और केंद्र सरकार को इसका आधिकारिक तौर पर खंडन कर देश को यह भरोसा दिलाना चाहिए कि किसी भी तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं है। दरअसल चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने मंगलवार को कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव उन ‘‘मुद्दों'' की सूची में शामिल है जिन पर चीन ने इस वर्ष मध्यस्थता की थी। भारत लगातार कहता रहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच सात से 10 मई तक सैन्य टकराव हुआ था और दोनों देशों की सेनाओं के सैन्य संचालन महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच सीधी बातचीत के बाद इसे रोक दिया गया था।
