Rate of 10 Grams Gold: वैलेंटाइन डे पर सोना-चांदी में फिर गिरावट, जानें 14 फरवरी को 24 कैरेट Gold का नया रेट
punjabkesari.in Saturday, Feb 14, 2026 - 09:45 AM (IST)
नेशनल डेस्क: सर्राफा बाजार में इन दिनों सोने और चांदी की कीमतों में भारी अस्थिरता का दौर जारी है, जहां कीमतें एक मजबूत आधार तलाशने के लिए लगातार उतार-चढ़ाव का सामना कर रही हैं। शुक्रवार, 13 फरवरी को बाजार में एक हल्की रिकवरी देखी गई थी, जिसमें MCX पर अप्रैल वायदा सोना 305 रुपये की बढ़त के साथ 156,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।
14 फरवरी को 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव
चांदी में यह उछाल और भी बड़ा था, जहां मार्च वायदा की कीमतें 3.62 प्रतिशत यानी 8,564 रुपये बढ़कर 244,999 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गईं। हालांकि, आज 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे के मौके पर बाजार खुलते ही यह रिकवरी फीकी पड़ गई और कीमतों में एक बार फिर बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। वर्तमान में 24 कैरेट शुद्ध सोने का औसत भाव 155,920 से 156,150 रुपये के बीच है, जबकि चांदी 2.80 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास बनी हुई है।
गिरावट के पीछे के प्रमुख वैश्विक और घरेलू कारण
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट एक 'स्वस्थ सुधार' (Healthy Correction) है, क्योंकि कीमतें अपने उच्चतम स्तर से काफी ऊपर निकल गई थीं। 29 जनवरी 2026 को सोने ने 1.81 लाख और चांदी ने 4.20 लाख के करीब का ऐतिहासिक रिकॉर्ड छुआ था, जिसके बाद से निवेशकों द्वारा बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली की जा रही है।
वैश्विक स्तर पर, अमेरिका में ट्रंप प्रशासन की नई व्यापार नीतियों और टैरिफ को लेकर बनी अनिश्चितता अब धीरे-धीरे कम हो रही है। साथ ही, अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आशंकाएं घटने से सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग में कमी आई है। मजबूत होते अमेरिकी डॉलर (DXY 97 के पार) और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती न करने के संकेतों ने भी कीमती धातुओं पर दबाव बनाया है।
चांदी की अस्थिरता और औद्योगिक मांग का असर
चांदी की कीमतों में सोने के मुकाबले कहीं अधिक उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। इसका मुख्य कारण चांदी की दोहरी भूमिका है—यह निवेश के साथ-साथ सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन और सेमीकंडक्टर जैसे उद्योगों में भी भारी मात्रा में इस्तेमाल होती है। हाल के दिनों में चांदी अपनी पीक से करीब 40% तक नीचे आई है, क्योंकि निवेशक अब इसे सुरक्षित निवेश के बजाय जोखिम वाले निवेश की तरह देख रहे हैं। पिछले साल जहां चांदी ने 170% का जबरदस्त रिटर्न दिया था, वहीं अब बड़े संस्थागत निवेशक बाजार से अपना पैसा निकाल रहे हैं, जिससे कीमतों में भारी गिरावट आ रही है।
घरेलू बाजार और बजट 2026 का प्रभाव
भारतीय बाजार की बात करें तो हाल ही में पेश हुए बजट 2026 में आयात शुल्क (Import Duty) और अन्य घरेलू कारकों ने स्थानीय एमसीएक्स (MCX) कीमतों को काफी प्रभावित किया है। देश में इस समय शादी-ब्याह का सीजन चरम पर होने के बावजूद, रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची ऊंची कीमतों ने भौतिक मांग (Physical Demand) को काफी कम कर दिया है। ग्राहक खरीदारी से बच रहे हैं या कीमतों के और नीचे आने का इंतजार कर रहे हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि जब तक भू-राजनीतिक परिस्थितियां पूरी तरह स्थिर नहीं हो जातीं और डॉलर की मजबूती कम नहीं होती, तब तक सोने और चांदी के भाव में इसी तरह का 'करेक्शन' और उठापटक देखने को मिलती रहेगी।
