Budget बहस में बड़ा खुलासाः अमेरिका-चीन से तेज़ भारत की ग्रोथ, फिर ‘इकोनॉमी खराब’ का नैरेटिव क्यों ?
punjabkesari.in Sunday, Feb 01, 2026 - 11:56 AM (IST)
International Desk: केंद्रीय बजट 2026 से पहले भारत की आर्थिक स्थिति को लेकर चल रही बहस के बीच वैश्विक विकास दर के आंकड़ों ने तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है। वरिष्ठ आर्थिक विश्लेषक मोनिका हलान ने आंकड़े साझा करते हुए सवाल उठाया कि आखिर किस दुनिया में यह कहा जा रहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था खराब प्रदर्शन कर रही है।
आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2026 में अमेरिका की आर्थिक वृद्धि दर 4%, चीन की 5%, जर्मनी की सिर्फ 0.2%, और जापान की 1.1% रहने का अनुमान है। इसके मुकाबले भारत की ग्रोथ रेट 7.4% बताई जा रही है, जो प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज़ है। Budget 2026 को लेकर आयोजित चर्चा में राजनीतिक विश्लेषक प्रो. मनोजीत मंडल ने भी भारत की आर्थिक स्थिति पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि वैश्विक मंदी और भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद भारत का लगातार ऊंची विकास दर बनाए रखना उसकी आर्थिक नीतियों, घरेलू मांग और संरचनात्मक सुधारों का नतीजा है।
कार्यक्रम में यह भी रेखांकित किया गया कि विकसित देशों की तुलना में भारत न केवल तेजी से बढ़ रहा है, बल्कि वैश्विक निवेशकों के लिए भी एक स्थिर और भरोसेमंद बाजार बनकर उभरा है। विशेषज्ञों का मानना है कि Budget 2026 में सरकार इसी मजबूत आर्थिक आधार पर इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, रोजगार और सामाजिक कल्याण पर फोकस बढ़ा सकती है। आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि मौजूदा वैश्विक परिदृश्य में भारत की अर्थव्यवस्था दबाव में नहीं, बल्कि अग्रणी भूमिका में है।
