Budget 2026 से पहले फ्लैशबैक, 1973 के बजट को क्यों कहा गया था ब्लैक बजट?

punjabkesari.in Thursday, Jan 29, 2026 - 05:30 PM (IST)

नेशनल डेस्क। 1 फरवरी 2026 की तारीख भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बेहद खास होने वाली है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार देश का आम बजट पेश कर एक नया कीर्तिमान स्थापित करेंगी। जहां एक ओर पूरा देश इस बजट से महंगाई में राहत और रोजगार के अवसरों की उम्मीद लगाए बैठा है वहीं दूसरी ओर भारतीय बजट का इतिहास कई ऐसे रोचक तथ्यों से भरा है जिन्हें जानना हर नागरिक के लिए जरूरी है। आइए भारत के बजटीय सफर के उन पन्नों को पलटते हैं जिन्होंने देश की आर्थिक दिशा बदली:

1. भारत के पहले बजट की शुरुआत

भारत में बजट की परंपरा आजादी से बहुत पुरानी है।

ब्रिटिश काल: भारत का सबसे पहला बजट 7 अप्रैल 1860 को अंग्रेजों के शासन के दौरान पेश किया गया था।

स्वतंत्र भारत: आजादी के बाद 26 नवंबर 1947 को देश का पहला बजट पेश हुआ। इसे तत्कालीन वित्त मंत्री आर. के. शणमुखम चेट्टी ने सदन के सामने रखा था। यह बजट मुख्य रूप से विभाजन के बाद देश की अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए तैयार किया गया था।

2. सबसे लंबा बजट भाषण: एक रिकॉर्ड

बजट भाषणों के मामले में सबसे ज्यादा समय तक बोलने का रिकॉर्ड मौजूदा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम है।

रिकॉर्ड: 1 फरवरी 2020 को उन्होंने 2 घंटे 42 मिनट लंबा भाषण दिया था।

इस दौरान उन्होंने देश की आर्थिक नीतियों और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत खाका पेश किया था जो आज भी एक मिसाल माना जाता है।

3. जब पेश हुआ 'ब्लैक बजट' (The Black Budget)

साल 1973 का बजट भारतीय इतिहास में 'ब्लैक बजट' के रूप में दर्ज है।

कारण: 1971 के भारत-पाक युद्ध और 1972 के भीषण सूखे की वजह से देश की आर्थिक हालत खस्ता थी।

घाटा: तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंतराव बी. चव्हाण ने जब बजट पेश किया तब देश का राजकोषीय घाटा 550 करोड़ रुपये था जो उस दौर के हिसाब से बहुत बड़ी राशि थी। इसी भारी घाटे के कारण इसे काला बजट कहा गया।

4. सुधारों वाला ड्रीम बजट

साल 1997 के बजट को आज भी आर्थिक जगत में ड्रीम बजट कहा जाता है।

प्रस्तुतकर्ता: इसे पी. चिदंबरम ने पेश किया था।

खासियत: इस बजट में पर्सनल इनकम टैक्स की दरों में भारी कटौती की गई और कॉर्पोरेट टैक्स को कम किया गया। इन क्रांतिकारी बदलावों ने भारतीय उद्योगों और करदाताओं को नई ऊर्जा दी थी।

बजट 2026: क्या हैं बड़ी उम्मीदें?

वैश्विक स्तर पर जारी उतार-चढ़ाव के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से इस बार 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने वाले ठोस कदमों की उम्मीद है। डिजिटल इकॉनमी को बढ़ावा देना और मध्यम वर्ग को टैक्स में राहत देना इस बजट की मुख्य प्राथमिकताएं हो सकती हैं।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Rohini Oberoi

Related News