Budget Session 2026: हंगामे से संसद ठप, सरकार का बड़ा प्रस्ताव—अब वीकेंड पर भी चलेगी बैठक

punjabkesari.in Friday, Mar 13, 2026 - 06:29 PM (IST)

नेशनल डेस्क:  संसद का बजट सत्र 2026 अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है, लेकिन विपक्ष के लगातार विरोध और हंगामे के कारण सदन का कामकाज बार-बार प्रभावित हो रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार ने सुझाव दिया है कि लंबित विधायी काम निपटाने के लिए सप्ताहांत यानी शनिवार और रविवार को भी संसद की बैठक आयोजित की जाए।

सूत्रों के अनुसार सरकार ने विपक्ष से आग्रह किया है कि यदि सहमति बनती है तो मार्च के आखिरी सप्ताह में दोनों सदनों की अतिरिक्त बैठकें कराई जा सकती हैं।

दो चरणों में चल रहा है बजट सत्र

संसद का यह बजट सत्र दो हिस्सों में आयोजित किया जा रहा है।

  • पहला चरण: 28 जनवरी से 13 फरवरी 2026
  • दूसरा चरण: 9 मार्च से 2 अप्रैल 2026

इस पूरे सत्र के दौरान कुल 30 बैठकें तय की गई थीं, लेकिन लगातार हंगामे और स्थगन के कारण कई दिनों का काम प्रभावित हुआ है।

वीकेंड सिटिंग का प्रस्ताव

सरकार ने विपक्ष के सामने यह प्रस्ताव रखा है कि 28 मार्च (शनिवार) और 29 मार्च (रविवार) को भी संसद की बैठक बुलाई जाए। इस दौरान दोनों सदनों—Lok Sabha और Rajya Sabha—में लंबित विधेयकों और अन्य जरूरी सरकारी कामों को पूरा किया जा सकेगा।

छुट्टियों के कारण कम हुए कार्यदिवस

मार्च के अंतिम सप्ताह में कई प्रमुख त्योहार भी पड़ रहे हैं, जिनके कारण सामान्य कार्यदिवस कम हो गए हैं। इनमें शामिल हैं:

  • Gudi Padwa / Ugadi
  • Eid al-Fitr
  • Ram Navami

इसी वजह से सरकार अतिरिक्त बैठकें आयोजित कर विधायी कामकाज पूरा करने का प्रयास कर रही है।

हंगामे से बार-बार बाधित हो रही कार्यवाही

बजट सत्र के दूसरे चरण में विपक्षी सांसदों की नारेबाजी और वेल में आने के कारण कई बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी है। शुक्रवार को भी दोनों सदनों का कामकाज प्रभावित रहा।

इस पर Om Birla ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि जब बोलने का मौका दिया जाता है तो चर्चा में हिस्सा नहीं लिया जाता, बल्कि सदन में गतिरोध पैदा किया जाता है, जो संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं है।

2 अप्रैल को खत्म होगा सत्र

बजट सत्र का समापन 2 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित है। सरकार की प्राथमिकता अब वित्त विधेयक और अन्य महत्वपूर्ण बिलों को पारित कराना है, ताकि सत्र समाप्त होने से पहले जरूरी विधायी कार्य पूरे हो सकें।
 


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Content Writer

SHUKDEV PRASAD

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