ओडिशा: बरगढ़ में साइबर ठगी का बड़ा भंडाफोड़! म्यूल अकाउंट्स से 7 करोड़ की हेराफेरी
punjabkesari.in Wednesday, Feb 25, 2026 - 11:14 PM (IST)
नेशनल डेस्क: डिजिटल ठगी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच ओडिशा के बरगढ़ जिले से एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पदमपुर थाना क्षेत्र में फर्जी (म्यूल) बैंक खातों के जरिए 7 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध रकम के ट्रांजैक्शन का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे गिरोह की तलाश जारी है।
जांच की शुरुआत कैसे हुई?
17 फरवरी 2026 की रात पदमपुर थाने में एक औपचारिक रिपोर्ट दर्ज की गई। यह कार्रवाई एसपी, CID-CB ओडिशा, कटक के निर्देश पर शुरू हुई। जांच के दौरान पदमपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और यूको बैंक की शाखाओं में खोले गए दो संदिग्ध खातों की जांच की गई। ये खाते आदर्श गिधिली और सब्या प्रधान के नाम पर संचालित पाए गए।
6 फर्जी खाते खुलवाने का खुलासा
पूछताछ में सामने आया कि अमन साहू नामक युवक ने कई लोगों के नाम पर कुल छह बैंक खाते खुलवाए थे। जिन व्यक्तियों के नाम का इस्तेमाल हुआ, उनमें आदर्श गिधिली, सब्या प्रधान, राहुल राणा, शुभम मेहर, चंद्रकांत साहू और रश्मिकांत सुनानी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इन खातों की पासबुक और एटीएम कार्ड एक अन्य महिला को सौंप दिए गए थे, जो कथित रूप से नेटवर्क से जुड़ी है।
2024-25 में करोड़ों का ट्रांजैक्शन
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वर्ष 2024-25 के दौरान इन खातों के जरिए 7 करोड़ रुपये से अधिक की रकम का लेन-देन हुआ। यह राशि विभिन्न साइबर ठगी मामलों से जुड़ी बताई जा रही है। म्यूल अकाउंट्स का इस्तेमाल आमतौर पर ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में घुमाकर उसकी असली स्रोत को छिपाने के लिए किया जाता है, जिसे ‘लेयरिंग’ कहा जाता है।
किन धाराओं में मामला दर्ज?
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ आईटी एक्ट की धारा 66(C) और 66(D) के तहत मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और मुख्य साजिशकर्ताओं की तलाश में जुटी हैं अधिकारियों का मानना है कि यह कार्रवाई राज्य में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियानों का हिस्सा है।
