Petrol-Diesel : पेट्रोल-डीजल होगा सस्ता! इस देश से आएगा 1.2 करोड़ बैरल कच्चा तेल, क्या आम लोगों को मिलेगी राहत?

punjabkesari.in Thursday, Apr 09, 2026 - 10:38 PM (IST)

नेशनल डेस्कः मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। देश अप्रैल में वेनेज़ुएला से करीब 1.2 करोड़ बैरल (10–12 मिलियन बैरल) कच्चा तेल आयात करने जा रहा है, वो भी भारी छूट (डिस्काउंट) पर। कमोडिटी एनालिटिक्स फर्म Kpler के डेटा के मुताबिक, यह पिछले छह साल में सबसे बड़ा आयात होगा।

 पहली बार इतने बड़े पैमाने पर आयात
डेटा के अनुसार, मई 2025 के बाद यह पहला मौका होगा जब वेनेज़ुएला का कच्चा तेल भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचेगा। हालांकि यह मात्रा भारत के कुल आयात का छोटा हिस्सा है, लेकिन इससे तेल सप्लाई में राहत और स्रोतों के विविधीकरण को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

होर्मुज़ संकट के बीच बड़ा फैसला
भारत अपनी 88% से ज्यादा तेल जरूरतें आयात से पूरी करता है और रोजाना 5 मिलियन बैरल से ज्यादा कच्चा तेल प्रोसेस करता है। देश के आयात का 40% से ज्यादा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए आता है, जहां मार्च से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप है। ऐसे में वेनेज़ुएला से तेल आयात भारत के लिए एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।

 सप्लाई सुरक्षित, रणनीति पहले से तैयार
विशेषज्ञों के मुताबिक, अप्रैल में आने वाला तेल युद्ध से पहले ही खरीदा जा चुका था। यह दिखाता है कि भारत ने पहले से ही तेल स्रोतों में विविधता लाने की रणनीति अपनाई हुई है। सुमित रिटोलिया के अनुसार, भारतीय रिफाइनर लंबे समय से अलग-अलग देशों से तेल खरीदकर जोखिम कम करने की दिशा में काम कर रहे हैं।

वेनेज़ुएला का तेल क्यों अहम?
वेनेज़ुएला का भारी कच्चा तेल (Heavy Crude) डीज़ल और जेट फ्यूल जैसे डिस्टिलेट के उत्पादन में मदद करता है, जिससे भारत की रिफाइनिंग क्षमता मजबूत होती है। 2019 में रिलायंस इंडस्ट्रीज वेनेज़ुएला तेल का बड़ा खरीदार था, लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण आयात रुक गया था। अक्टूबर 2023 में प्रतिबंधों में ढील के बाद फिर से आयात शुरू हुआ।

किन कंपनियों को फायदा?
भारत की कई रिफाइनरियां इस तेल को प्रोसेस करती हैं, जिनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, नायरा एनर्जी, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और एचपीसीएल-मित्तल एनर्जी शामिल हैं।

क्या सच में सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?
विशेषज्ञों का मानना है कि डिस्काउंट पर मिलने वाला यह तेल भारत के लिए लागत कम करने में मदद करेगा। हालांकि, आम उपभोक्ताओं को तुरंत राहत मिलेगी या नहीं, यह सरकार की मूल्य निर्धारण नीति और वैश्विक बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा।


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Pardeep

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