Cyber Crime पर सरकार का सबसे बड़ा एक्शन! अमित शाह ने लॉन्च की CBI की नई साइबर ब्रांच
punjabkesari.in Tuesday, Feb 10, 2026 - 07:36 PM (IST)
नेशनल डेस्क: नई दिल्ली में साइबर अपराध के खिलाफ केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने CBI की नई साइबर क्राइम ब्रांच का उद्घाटन किया और साथ ही इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के तहत State Cyber Crime Coordination Centre (S4C) डैशबोर्ड को लॉन्च किया।
यह पहल “Tackling Cyber-Enabled Frauds & Dismantling the Ecosystem” विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान की गई। यह सम्मेलन 10 और 11 फरवरी 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में CBI और I4C के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ।
साइबर सुरक्षा अब राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा: अमित शाह
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि साइबर सुरक्षा अब केवल तकनीकी मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय बन चुकी है। उन्होंने बीते 11 वर्षों की डिजिटल प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि 1 GB डेटा की कीमत में 97% की कमी आई है। इंटरनेट यूजर्स की संख्या 25 हजार से बढ़कर 100 करोड़ के पार पहुंच चुकी है। दुनिया के हर दूसरे डिजिटल ट्रांजेक्शन में भारत की भागीदारी है। उन्होंने कहा कि देश में 97 करोड़ से अधिक जन-धन खाते हैं, जिनकी सुरक्षा बेहद जरूरी है।
साइबर फ्रॉड के खिलाफ अब तक की बड़ी कार्रवाई
अमित शाह ने साइबर अपराध के खिलाफ हुई प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि 20 हजार करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड में से 8 हजार करोड़ रुपये फ्रीज किए गए हैं। 12 लाख से ज्यादा सिम कार्ड ब्लॉक किए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 तक 20 हजार से अधिक साइबर अपराधी गिरफ्तार हुए हैं। 30 नवंबर 2025 तक 23.61 लाख साइबर शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। इनमें से 1.85 लाख मामलों में FIR दर्ज हुई हैं। उन्होंने कहा कि 8 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रकम बरामद की गई।
म्यूल अकाउंट और AI पर फोकस
गृह मंत्री ने कहा कि साइबर फ्रॉड अब संगठित अपराध का रूप ले चुका है। म्यूल अकाउंट्स (फर्जी या किराए पर लिए गए बैंक खाते) खुलेआम खरीदे-बेचे जा रहे हैं। इन्हें रोकने के लिए AI आधारित ट्रैकिंग सिस्टम जरूरी है। उन्होंने RBI और गृह मंत्रालय द्वारा विकसित Mule Account Hunter App को सभी सरकारी और निजी बैंकों द्वारा अपनाने पर जोर दिया।
1930 हेल्पलाइन को लेकर सख्त संदेश
अमित शाह ने साइबर फ्रॉड पीड़ितों के लिए बनी 1930 हेल्पलाइन को और प्रभावी बनाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि हर घंटे करीब 100 लोग साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं। अगर समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो पैसा वापस मिलना मुश्किल हो जाता है। राज्य पुलिस को 1930 कॉल्स पर तुरंत रिस्पॉन्स देना होगा। उन्होंने कहा कि देरी से हेल्पलाइन की विश्वसनीयता पर असर पड़ता है।
इंटरनेशनल नेटवर्क पर भी नजर
उन्होंने बताया कि I4C से अब तक 795 संस्थान जुड़ चुके हैं, लेकिन साइबर अपराध से निपटने के लिए और व्यापक सहयोग जरूरी है। विदेशी कॉल सेंटर्स की पहचान, अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से समन्वय और पीड़ितों से CBI/NIA का सीधा संपर्क इस रणनीति का अहम हिस्सा होगा।
समय रहते नहीं संभले तो बनेगा बड़ा संकट
अमित शाह ने चेतावनी दी कि अगर अभी ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो साइबर अपराध भविष्य में देश के लिए गंभीर संकट बन सकता है। उन्होंने बैंकों से अपील की कि वे केवल NPA घटाने तक सीमित न रहें, बल्कि ग्राहकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
डिजिटल भारत की सुरक्षा की ओर बड़ा कदम
CBI की नई साइबर क्राइम ब्रांच और I4C के S4C डैशबोर्ड की लॉन्चिंग को भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को सुरक्षित बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अब साइबर अपराध केवल व्यक्तिगत ठगी नहीं, बल्कि देश की आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा का सवाल बन चुका है।
